दिल्ली में ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाओं के नाम पर ठगी करने वाला बिहार से गिरफ्तार

दिल्ली में ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाओं के नाम पर ठगी करने वाला बिहार से गिरफ्तार
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नई दिल्ली, 22 मई (हि.स.)। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ठगों ने लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाओं के नाम पर जमकर ठगी की। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ऐसे ही ठगी करने वाले एक गैंग के सरगना को बिहार के नालंदा से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपित की पहचान सुंदरपुर, नालंदा, बिहार निवासी दीपक प्रसाद (42) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपित महज दो से तीन माह के दौरान देशभर के करीब 300 लोगों से 50 लाख से अधिक की रकम ठग चुका है। आरोपित दीपक का साढ़ू सर्वेश इसको अलग-अलग बैंक अकाउंट उपलब्ध करवाता था, जिसमें ठगी की रकम आती थी। फिलहाल दीपक की गिरफ्तारी से दिल्ली में कालकाजी, जामिया नगर और ओखला इंडस्ट्रियल एरिया के तीन मामले सुलझे हैं। आरोपित के पास से 18 सिमकार्ड, 13 मोबाइल फोन व अन्य सामान बरामद हुए हैं। आरोपित के कई बैंक खातों का भी पता चला है। आरोपित से पूछताछ कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त आयुक्त शिबेश सिंह ने बताया कि कोविड के दौरान बदमाशों ने लोगों की मजबूरी का जमकर फायदा उठाया। आरोपितों ने ठगी की हर तरकीबों का इस्तेमाल किया। इसी कड़ी में चार मई को कालकाजी थाने में ऑक्सीजन सिलेंडर के नाम पर ठगी की शिकायत मिली। पीड़ित ने बताया कि उसके पड़ोसी को ऑक्सीजन की जरूरत थी। उसने सोशल मीडिया पर मौजूद एक मोबाइल नंबर से संपर्क किया। आरोपित ने बातचीत के बाद सिलेंडर पहुंचाने का आश्वासन देकर गूगल पे से 7500 हजार रुपये अपने खाते में डलवा लिये। इसके बाद कोई सिलेंडर नहीं भेजा। इसी तरह की वारदात ओखला इंडस्ट्रियल एरिया और जामिया नगर इलाके में भी हुई। लोकल पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच की टीम ने भी मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने ठगी की वारदात की जांच की तो पता चला कि आरोपितों ने पिछले कुछ दिनों में ठगी के लिए 100 मोबाइल नंबर और अलग-अलग मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। टेक्नीकल सर्विलांस से पता चला कि आरोपित सुंदरपुर, नालंदा, बिहार से वारदात को अंजाम दे रहे हैं। जानकारी जुटाने के बाद क्राइम ब्रांच ने 15 मई को एक टीम को नालंदा, बिहार रवाना किया। वहां छानबीन के बाद सुंदरपुर, नालंदा बिहार से आरोपित दीपक प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके घर की तलाशी लेने पर घर से 18 सिमकार्ड व 13 मोबाइल फोन बरामद हुए। वारदात के दौरान आरोपित ने ठगी की बात कबूली। आरोपित ने बताया कि उसके पिता बिहार में टीचर थे। उसका एक भाई अभी भी टीचर है जबकि दूसरा भाई बिहार पुलिस में है और भाभी रेलवे पुलिस में हैं। 12वीं पास आरोपित वर्ष 2018 से ठगी की वारदात को अंजाम दे रहा था। पहले वह नापतोल पर सामान बेचने और लोन दिलाने के नाम पर ठगी करता था लेकिन कोविड के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाओं के नाम पर ठगी करने लगा। उसका साढ़ू सर्वेश उसे ठगी की रकम मंगाने के लिए बैंक खाते दिलवाता था। पुलिस आरोपित सर्वेश की तलाश कर रही है। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी

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