जेईई हो या नीट कोविड में मदद करेगा एम्स, आईआईटी की टीम

 जेईई हो या नीट कोविड में मदद करेगा एम्स, आईआईटी की टीम
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नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। एम्स और आईआईटी के पूर्व छात्र कोरोना महामारी के इस दौर में इंजीनियरिंग और मेडिकल की परीक्षा देने जा रहे युवाओं की मदद करेंगे। यह पूर्व छात्र खासतौर पर जेईई और नीट परीक्षा 2021 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की मदद के लिए सामने आए हैं। एम्स पूर्व छात्र नीट की तैयारी कर रहे युवाओं को प्रशिक्षण देंगे। वहीं आईआईटी के पूर्व छात्र छात्र उन युवाओं की मदद करेंगे जो जेईई परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं। पूर्व छात्र एक ऑनलाइन क्रैश कोर्स के जरिये समाधान लेकर आए हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले युवाओं की मदद करने के लिए यह क्रैश प्रशिक्षण कोर्स डिजाइन किया गया है। यह एक 45 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा। शीर्ष रैंक के पूर्व छात्र बिना किसी शुल्क के यह सेवा प्रदान करेंगे, हालांकि यह प्रशिक्षण योग्यता व मैरिट के आधार पर दिया जाएगा। इस विषय में जानकारी देते हुए केंद्रीय शिक्षा रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि आईआईटी और एम्स के पूर्व छात्रों द्वारा एक स्टार्ट-अप बनाया गया है। यह छात्रों को जेईई और नीट परीक्षा 2021 की तैयारी में मदद करने के लिए एक मुफ्त ऑनलाइन क्रैश कोर्स देगा। यह 45-दिवसीय प्रशिक्षण है जो 24 मई से शुरू होगा। मैरिट के आधार पर 100 छात्रों के लिए यह प्रशिक्षण उपलब्ध होगा। गौरतलब है कि दिल्ली समेत देशभर के तमाम कोचिंग इंस्टिट्यूट फिलहाल बंद हैं। कुछ स्थानों पर ऑनलाइन स्टडी का विकल्प मौजूद है। वहीं दूसरी ओर कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तारीख भी स्थगित की जा चुकी है। देश भर में लाखों ऐसे छात्र हैं जो इन प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होना चाहते हैं। इस स्थिति में एम्स और आईआईटी के पूर्व छात्रों का यह कदम प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले युवाओं के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने ऐसे छात्रों की मदद के लिए एक मोबाइल ऐप भी तैयार किया है। इस मोबाइल ऐप का नाम अभ्यास है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा तैयार किया गया यह ऐप परीक्षार्थियों को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट के बारे में जानकारी देता है। गूगल प्ले स्टोर पर जाकर कर यह ऐप डाउनलोड किया जा सकता है। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह मोबाइल ऐप नीट और जेईई मेन मेन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की पढ़ाई में मदद करता है। छात्र इस मोबाइल ऐप की मदद से 3 घंटे का मॉक टेस्ट दे सकते हैं वह भी अपनी सुविधा एवं समय अनुसार। इस मोबाइल ऐप की मदद से छात्र अपनी प्रोग्रेस पर भी नजर रख सकते हैं। --आईएएनएस जीसीबी/एएनएम