मौजूदा वर्ष में 2 लाख से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षण देगा एआईसीटीई
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मौजूदा वर्ष में 2 लाख से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षण देगा एआईसीटीई

नई दिल्ली, 24 जुलाई (आईएएनएस)। शिक्षा मंत्रालय इस वर्ष 2 लाख से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित करेगा। शिक्षकों का प्रशिक्षण शिक्षा मंत्रालय के अन्तर्गत आने वाले ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) की मदद से किया जाएगा। एआईसीटीई के अध्यक्ष व देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रोफेसर अनिल डी सहस्रबुद्धे ने शिक्षा में प्रौद्योगिकी के समावेश पर जोर दिया। महामारी के दौर में शिक्षकों को प्रौद्योगिकी सक्षम बनाने की एआईसीटीई की पहल के बारे में प्रोफेसर अनिल सहस्रबुद्धे कहा, हमने 1.65 लाख से अधिक शिक्षकों को एआई, आईओटी, एमएल, ब्लॉकचैन, एआर एवं वीआर जैसे कोर्स का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया है। प्रोफेसर सहस्रबुद्धे ने कहा कि भारत सरकार की ट्रेनिंग एंड लनिर्ंग एकेडमी में 948 से अधिक ऑनलाइन प्रोग्राम हैं। उन्होंने कहा कि एआईसीटीई की इस वर्ष 130 प्रोग्राम के तहत 2 लाख से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की योजना है। नॉर्थकैप यूनिवर्सिटी ने भारतीय उच्च शिक्षा को आधुनिक बनाने और वैश्विक स्तर प्रदान करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप क्यूएस आईजीएयूजी, दिल्ली-एनसीआर संस्करण का सह-आयोजन किया है। इसी मौके पर प्रोफेसर सहस्रबुद्धे ने यह जानकारी दी। प्रोफेसर सहस्रबुद्धे ने कहा, शिक्षक ही संस्थान की उत्कृष्टता का आधार बनाते क्योंकि वे बहुत लंबे समय तक शैक्षणिक संस्थान से लगातार जुड़े होते हैं। एक शिक्षक लगभग चार दशक शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत रहते हैं इसलिए शिक्षा में उत्कृष्टता के बुनियादी आधार हैं। प्रो. सहस्रबुद्धे ने कहा, मैं इस तरह के आयोजन के लिए नॉर्थकैप युनिवर्सिटी को धन्यवाद देता हूं। यह हरियाणा और दिल्ली एनसीआर का इस तरह का पहला आयोजन है। रीडिफाइनिंग इंस्टीट्युशनल स्ट्रैटजी फॉर एक्सीलेंस (आरआईएसई) भारत और विश्व स्तर पर उच्च शिक्षा क्षेत्र के प्रमुख लोगों को अनोखा मंच देता है, ताकि वे पूरी दुनिया की उच्च शिक्षा को प्रभावित कर रही महामारी के बदलते परि²श्य में आपस में जुड़ें और जरूरी विमर्श करें। डॉ. अश्विन फर्नांडीस, क्षेत्रीय निदेशक, क्यूएस एमईए और दक्षिण एशिया भी इस दौरान मौजूद रहे। नॉर्थकैप यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर प्रोफेसर मिलिंद पडलकर कहा नॉर्थकैप यूनिवर्सिटी गुणवत्ता, नवाचार और शिक्षा को भविष्य के अनुकूल बनाने पर जोर देने वाला संस्थान रहा है। इसलिए हम क्यूएस इंडिया के साथ कार्यक्रम का सह-आयोजन कर बहुत खुश हैं। प्रोफेसर डॉ रेखा विज, उप डीन नॉर्थकैप यूनिवर्सिटी ने कहा, शिक्षा जगत के लोगों ने अधिक स्वेच्छा, सावधानी और उत्साह से ऑनलाइन सिस्टम अपनाया है। प्रो. नूपुर प्रकाश, वाइस-चांस्लर, नॉर्थकैप यूनिवर्सिटी ने में कहा, शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीयकरण बहुत पहले ही हो गया। लेकिन अलग-अलग विश्वविद्यालयों ने इसे डिजिटल क्रांति के परिणामस्वरूप यह प्रक्रिया लागू और अधिक सक्षम हुई है और इसकी मदद से नए जमाने के व्यवसाय फल-फूल रहे हैं। --आईएएनएस जीसीबी/एएनएम

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