After the civic bodies, political enthusiasts are now at the peak of the district council elections
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नगर निकायों के बाद अब जिला परिषद चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर

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धर्मशाला, 14 जनवरी (हि.स.)। कांगड़ा जिला में नगर निकायों के चुनाव परिणाम के बाद अब जिला परिषद व पंचायती राज चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं। नगर निकाय के चुनावों में जहां पर भाजपा का पलड़ा अभी तक भारी रहा है तो अब जिला परिषद के चुनावों में भी भाजपा इस बढ़त को कायम रखने के लिए दिन रात एक कर रही है। जिला कांगड़ा में जिला परिषद के 54 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे हुए हैं। इन अधिकांश वार्डों में भाजपा व कांग्रेस के बीच ही टक्कर भी मानी जा रही है। जिला परिषद में जीत हासिल करने के लिए दोनों ही दल हर तरह का जोड़ तोड़ भी कर रहे हैं। वहीं अगर जिला परिषद के पिछले चुनावों की बात करें तो पिछली बार जिला परिषद के अध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा रहा था और कांग्रेस के हिस्से उपाध्यक्ष पद ही आया था। हालांकि पिछली बार जिला परिषद के जब चुनाव हुए थे तो उस समय प्रदेश में कांग्रेस सरकार सत्तासीन थी। बावजूद इसके भाजपा जिला परिषद अध्यक्ष का पद लेने में कामयाब रही थी। इस बार के जिला परिषद के चुनावों में कुल 54 वार्डों में से 27 महिला शक्ति भी अपना भाग्य आजमा रही हैं। उधर इन चुनावों में जीत को लेकर दोनों ही दल अपने-अपने दावे करने में जुट गए हैं। भाजपा की ओर से गत सप्ताह वूल फेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष व नगर निगम धर्मशाला भाजपा सहप्रभारी त्रिलोक कपूर ने दावा किया था कि भाजपा 40 से अधिक जिला परिषद की सीटें कांगड़ा में जीतेगी। वहीं दूसरी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली ने भी पिछले सप्ताह कांगड़ा में पत्रकार वार्ता के दौरान दावा किया है कि कांग्रेस प्रदेश भर में 90 फीसदी जिला परिषद सीटें जीतेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दो दिवसीय धर्मशाला प्रवास के दौरान पंचायत चुनावों को लेकर अपने मंत्रियों, भाजपा पार्टी प्रभारी, प्रदेशाध्यक्ष व विस अध्यक्ष के साथ परिधि गृह धर्मशाला में लंबे दौर की गुप्त मंत्रणा चुनावों को लेकर की थी। ऐसे में देखना दिलचस्प रहेगा कि इन चुनावों में किसका पलड़ा भारी रहता है। भाजपा के लिए यह चुनाव जीतना जहां प्रतिष्ठा का सवाल रहेगा वहीं कांगे्रस के लिए विधनसभा चुनावों से पूर्व अपनी स्थिति को बेहतर करने का मौका होगा। हिन्दुस्थान समाचार/सतेंद्र/सुनील-hindusthansamachar.in