आफताब- निन दोसांझ बने माता-पिता, पत्नी ने दिया बेटी को जन्म
आफताब- निन दोसांझ बने माता-पिता, पत्नी ने दिया बेटी को जन्म
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आफताब- निन दोसांझ बने माता-पिता, पत्नी ने दिया बेटी को जन्म

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आफताब- निन दोसांझ बने माता-पिता, पत्नी ने दिया बेटी को जन्म नई दिल्ली| आफताब शिवदासानी पिता बन गए हैं। उनकी पत्नी निन दोसांझ ने बेटी को जन्म दिया है। बता दें कि आफताब ने साल 2014 में निन दोसांझ से प्राइवेट सेरेमनी में शादी की थी। इसके बाद दोनों ने तीन साल पहले यानी साल 2017 में श्रीलंका में दूसरी बार धूमधाम से शादी की थी। आफताब ने इस खबर को शेयर करते हुए लिखा, ‘भगवान के आशीर्वाद से मैं और निन प्यारी बेटी के पैरेंट्स बन गए हैं। हमारे परिवार अब 2 से 3 हो गया है’। View this post on Instagram ‘A little bit of Heaven has been sent to Earth’.. With God’s blessings, @nin_dusanj and I are elated to announce the birth of our daughter.. we are proud parents and a family of three now. A post shared by Aftab Shivdasani (@aftabshivdasani) on Aug 1, 2020 at 11:49am PDT बता दें कि आफताब शिवदासानी ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत 1999 में फिल्म ‘मस्त’ से की थी, जिसमें उनके साथ उर्मिला मातोंडकर भी थीं। उसके बाद 2001 में ‘कसूर’ और ‘लव के लिए कुछ भी करेगा’, 2004 में ‘मस्ती’ के अलावा कई फिल्मों में काम किया। इसके बावजूद उनका करियर काफी उतार-चढ़ाव से भरा रहा। यह कहना न होगा कि उनके हिस्से हिट से ज्यादा फ्लॉप फिल्में ही रहीं। हालांकि आफताब को इसका कोई मलाल नहीं है। वह कहते हैं, ‘मुझे कभी अपने फैसलों पर कोई अफसोस नहीं हुआ। मैं हमेशा और ज्यादा करने की इच्छा रखता हूं। ज्यादा पाना और कड़ी मेहनत करने की भूख हमेशा रहती है। अगर आपकी फिल्म नहीं चलती तो वह आपको पीछे ले जाता है और आपको फिर से सब शुरू करना होता है। मुझे किसी भी फिल्म का हिस्सा बनकर कोई अफसोस नहीं हुआ। और, मैंने कभी यह शिकायत नहीं की कि मेरे साथ जीवन में कुछ गलत हुआ। मैं खुद को सकारात्मक रखता हूं। मेरा खुद पर विश्वास कभी कम नहीं होता।’ शहनाज गिल ने सिद्धार्थ शुक्ला को मारा थप्पड़, सोशल मीडिया पर वायरल फिल्म में अपनी असफलता पर आफताब कहते हैं, ‘यह सही है कि इंडस्ट्री में लोग सफल लोगों के पीछे खिंचें चले जाते हैं। वही लोग आपके अच्छे में आपके साथ होते हैं, लेकिन जरूरत के वक्त साथ छोड़ जाते हैं। मैंने वह समय भी देखा है। मैंने बहुत जल्द ही यह महसूस कर लिया था कि यह जगह कितनी निर्माेही है। लेकिन मैंने कभी उसे दिल पर नहीं लिया। मैं लोगों को उस तरह स्वीकार करता हूं, जैसे वे हैं। मुझे उन लोगों से कभी कोई परेशानी नहीं रही, जिन्होंने मेरे फोन का जवाब नहीं दिया या मेरे मैसेज का रिप्लाई नहीं किया। मैं जानता हूं कि कुछ चीजें वैसे ही होती हैं।’ Thank You, Like our Facebook Page - @24GhanteUpdate 24 Ghante Online | Latest Hindi News-24ghanteonline.com