राजस्थान के बागी विधायकों की तलाश में मानेसर पहुंची एसीबी टीम
राजस्थान के बागी विधायकों की तलाश में मानेसर पहुंची एसीबी टीम
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राजस्थान के बागी विधायकों की तलाश में मानेसर पहुंची एसीबी टीम

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जयपुर, 31 जुलाई (हि.स.)। विधायकों की खरीद-फरोख्त के कथित वायरल ऑडियो टेप के मामले की जांच को लेकर भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम शुक्रवार को मानेसर स्थित होटल आईटीसी ग्रैंड पहुंची। टीम को नामजद दोनों विधायक होटल में नहीं मिले और न ही होटल के दस्तावेजों में उनके नाम दर्ज थे। बाद में टीम होटल वेस्टर्न पहुंची। यहां टीम को अंदर नहीं जाने दिया गया। इसके बाद होटल प्रबंधन को पत्र भेजा गया। होटल के मैनेजर ने बताया कि यहां कोई विधायक नहीं है। एसीबी के महानिदेशक डॉ.आलोक त्रिपाठी के मुताबिक मुख्य सचेतक महेश जोशी की ओर से विधायकों की खरीद-फरोख्त के वायरल ऑडियो टेप मामले में एसओजी में मामला दर्ज करवाने के बाद भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो में भी दर्ज कराया गया था। ब्यूरो ने मामला दर्ज कर विधायकों की खरीद-फरोख्त के ऑडियो टेप में मौजूदा आवाज विधायक भंवरलाल शर्मा व विश्वेन्द्र सिंह की होने के संदेह पर एसीबी की ओर से नोटिस जारी किया गया था, लेकिन दोनों विधायकों ने पूछताछ के लिए समय नहीं दिया। एसीबी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन की मॉनिटरिंग में शुक्रवार को पांच सदस्यीय टीम मानेसर स्थित होटल में विधायक विश्वेंद्र सिंह और भंवरलाल शर्मा को नोटिस देने के लिए पहुंची थी। लेकिन दोनों विधायक होटल में नहीं मिले। एसीबी मुख्यालय में जो एफआईआर दर्ज की गई है, उसमें अनुसंधान के लिए विधायक विश्वेंद्र सिंह और भंवरलाल शर्मा के बयान दर्ज होने बेहद जरूरी हैं। एसीबी की तरफ से पूर्व में भी दो बार विधायक विश्वेंद्र सिंह और भंवर लाल शर्मा को नोटिस जारी कर उनके आवास पर चस्पा किए गए लेकिन अब तक उन नोटिस का कोई भी जवाब नहीं दिया गया है। विधायकों की कथित खरीद फरोख्त मामले में गिरफ्तार संजय जैन से अब एसीबी भी पूछताछ करेगी। इसके लिए एसीबी ने शुक्रवार को कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र पेश कर जैन का प्रोडक्शन वारंट मांगा है। फिलहाल संजय जैन न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद है। गौरतलब है कि एसओजी में दर्ज रिपोर्ट पर तफ्तीश के लिए 17 जुलाई को जयपुर से एसओजी की टीम मानेसर स्थित रिसोर्ट पर सचिन पायलट गुट के विधायक भंवरलाल शर्मा और विश्वेन्द्र सिंह से पूछताछ के लिए गई थी। लेकिन हरियाणा पुलिस ने रिसोर्ट में प्रवेश से रोक दिया था। जिसके करीब छह दिन बाद एसओजी की दूसरी टीम को भी मानेसर भेजा गया, लेकिन हरियाणा पुलिस ने दो किलोमीटर दूर ही टीम को रोककर आगे जाने की अनुमति से इंकार कर दिया था। एसओजी की दोनों टीमें पिछले 15 दिनों से दिल्ली व मानसेर में दोनों विधायकों की तलाश के लिए डेरा डाले बैठी हैं। हिन्दुस्थान समाचार/दिनेश सैनी/ ईश्वर/बच्चन-hindusthansamachar.in