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'किसान मजदूर रैली में पंजाब के गांवों में दिल्ली पुलिस के घेराव का आह्वान'

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- किसान मज़दूर रैली में नेताओं ने केंद्र सरकार के साथ कारपोरेट कंपनियों को लिया आड़े हाथ बरनाला (पंजाब ), 21 फरवरी (हि.स.)। बरनाला में आज प्रांतीय स्तर की हुई किसान मजदूर रैली में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेश अध्यक्ष जोगिन्दर सिंह उगराहां ने आह्वान किया है कि 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस मामले में दिल्ली पुलिस जो सम्मन भेज रही है, उसे चूल्हे में जला दो, अगर दिल्ली पुलिस यहां आये तो उसका विरोध किया जाए और गांव -गांव में इसकी सूचना दे दी जाये और दिल्ली पुलिस का घेराव किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दिल्ली पुलिस में हिम्मत है तो किसी गांव में आकर देख ले। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में रविवार को दोपहर बाद अनाज मंडी में किसान मजदूर रैली हुई। इसमें हजारों की संख्या में किसान शामिल रहे। रैली में अपने सम्बोधन में भाकियू अध्यक्ष उगराहां ने कहा कि लाल किले पर झंडा फहराने से कोई भी कानून नहीं रद्द होता बल्कि ये तो जानबूझ कर ऐसे माहौल का सृजन करने का अवसर दिल्ली पुलिस ने दिया था। उन्होंने कहा कि कृषि अधिनियम किसी धर्म, सम्प्रदाय की लड़ाई नहीं बल्कि देश के किसानों की लड़ाई है जो अकेली केंद्र सरकार के साथ नहीं अपितु विश्व व्यापार संगठन और कॉर्पोरेट कंपनियों के विरुद्ध भी है। किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि प्रत्येक गांव से 10 किसानों का दल दिल्ली जाए और उन किसानों का कृषि कार्य गांव के अन्य किसान करें। उन्होंने कहा कि कोई भी किसान दिल्ली पुलिस के समक्ष पेश न हो और पंजाब पुलिस को भी सुझाव है कि वो भी दिल्ली पुलिस का सहयोग न दे। अन्य किसान नेताओं ने किसान आंदोलन के विरोधी लोगों के सामाजिक बहिष्कार का भी ऐलान किया। किसान नेताओं में कहा कि कानून रद्द होने तक वे आंदोलन से वापस नहीं लौटेंगे। रैली का आयोजन उगराहां ग्रुप और पंजाब खेत मज़दूर यूनियन ने किया था। रैली में दो लाख किसानों के शामिल होने का दावा किया गया था। 700 लोगों को रैली के प्रबंधन के लिए लगाया गया था। हिन्दुस्थान समाचार/ नरेंद्र जग्गा/रामानुज