वाराणसी में हरे भरे होंगे 12 रेलवे स्टेशन

 वाराणसी में हरे भरे होंगे 12 रेलवे स्टेशन
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वाराणसी, 9 जून (आईएएनएस)। उत्तर पूर्वी रेलवे (एनईआर) के वाराणसी मंडल के बारह रेलवे स्टेशन जल्द ही ग्रीन जोन में बदल जाएंगे। मंडल रेल प्रबंधक विजय कुमार पंजियार ने कहा, अब तक, मंडल में चयनित 12 रेलवे स्टेशनों को यूपी और बिहार प्रदूषण नियंत्रण बोडरें से संचालित करने के लिए सहमति प्राप्त करने के लिए ग्रीन स्टेशनों के रूप में विकसित किया जा रहा है। पंजियार ने कहा, पर्यावरण संरक्षण के लिए संभाग में ऊर्जा और जल संरक्षण सहित सभी कार्य किए जा रहे हैं। मंडुआडीह रेलवे स्टेशन को पहले ही उसी मानक के अनुसार विकसित किया जा चुका है और इसे क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया से 5एस प्रमाणन प्राप्त हुआ है। मंडुआडीह और छपरा कोचिंग डिपो में वाटर रिसाइकलिंग प्लांट और स्वचालित कोच वाशिंग प्लांट लगाने और कोचों में बायो-टॉयलेट जैसे उपायों से न केवल पानी की बबार्दी को रोकने और पटरियों के बीच 2.74 लाख लीटर जैव-अपशिष्ट के निपटान में मदद मिल रही है, बल्कि स्वच्छता की स्थिति में भी सुधार हो रहा है। इसके अलावा, पिछले वित्तीय वर्ष में कुल 6,000 पौधे लगाए गए थे और यह प्रथा चालू वित्तीय वर्ष में भी जारी रहेगी। अधिकारी ने कहा, रेलवे प्रतिष्ठान और आवासीय कॉलोनियां दर्शाती हैं कि रेलवे कर्मचारी किस प्रकार वृक्षारोपण के बाद पौधों और पेड़ों की देखभाल करके हरियाली का संरक्षण करते हैं। छपरा, बलिया, मऊ और गाजीपुर सिटी स्टेशनों में रेलवे ट्रैक के साथ उपलब्ध लैंड स्ट्रिप्स पर भी ग्रीन नर्सरी विकसित की जा रही हैं। पंप जल संरक्षण के लिए संभाग में ऑटोमेशन किया जा रहा है। विद्युतीकरण कार्य पूरा होने के साथ डीजल इंजनों को विद्युत इंजनों से बदलने से, डीजल से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मंडल में 33,441 यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन, वर्षा जल संचयन प्रणाली, कार्यालयों का डिजिटलीकरण और एकल उपयोग प्लास्टिक पर पूर्ण जांच जैसे उपाय शुरू किए गए हैं। औषधीय पौधों से युक्त आयुष उद्यान भी स्थापित किया जा रहा है। --आईएएनएस एमएसबी/एएनएम