हाथरस मामला : उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया
हाथरस मामला : उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया
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हाथरस मामला : उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया

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नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (हि.स.)। हाथरस मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है। हलफनामे में कहा गया है कि पीड़ित परिवार को पर्याप्त सुरक्षा दी जा रही है। पीड़ित के गांव और घर के बाहर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इस मामले पर कल यानी 15 अक्टूबर को सुनवाई होगी। उप्र सरकार ने कहा है कि पीड़ित के परिवार के हर सदस्य को निजी सुरक्षाकर्मी दिए गए हैं। घर के आसपास 8 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उप्र सरकार ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट जांच की निगरानी करे। जांच की समय सीमा तय हो। कोर्ट सीबीआई से हर 15 दिन में रिपोर्ट ले। पिछले 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने उप्र सरकार से पूछा था कि राज्य में गवाहों की सुरक्षा की क्या योजना है। क्या परिवार ने कोई वकील नियुक्त किया है। चीफ जस्टिस एसए बोब्डे की अध्यक्षता वाली बेंच ने एक हफ्ते के अंदर इन सवालों के जवाब देने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान उप्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि हमने हलफनामा दाखिल किया है। हम याचिका का विरोध नहीं करते हैं। एक युवा लड़की की मौत हुई है। हमारी पूरी सहानुभूति है। सच सामने आए। हम हर आदेश को मानेंगे। हमारा निवेदन है कि सुप्रीम कोर्ट जांच की निगरानी करे। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा था कि मामले में बहुत कुछ किए जाने की ज़रूरत है। तब चीफ जस्टिस ने कहा था कि हम बिल्कुल नहीं कह रहे कि अच्छी जांच नहीं होनी चाहिए, लेकिन हमारे यहां हाईकोर्ट भी है। वहां बहुत अच्छे जज हैं। तब इंदिरा जयसिंह ने कहा था कि गवाहों को सुरक्षा मिले। उसके बाद तुषार मेहता ने कहा था कि सुरक्षा दी गई है। चीफ जस्टिस ने कहा कि आप जांच का ट्रांसफर चाहती हैं या मुकदमे का। तब इंदिरा जयसिंह ने कहा कि हम पूरी निष्पक्षता चाहते हैं। चीफ जस्टिस ने कहा था कि मामला असाधारण है। इसलिए हम आपसे नहीं पूछ रहे कि आपका मामले से क्या संबंध है। अब हमें मुख्य याचिकाकर्ता को सुनने दीजिए। मुख्य याचिकाकर्ता की वकील कीर्ति सिंह ने कहा था कि मैं पेश हुआ हूं। चीफ जस्टिस ने कहा कि आप कौन हैं। आपका मामले से क्या संबंध है। तब वकील ने कहा था कि मैं महिला हूं। घटना से परेशान हूं। तब चीफ जस्टिस ने कहा कि तो क्या आप देश की हर महिला की प्रतिनिधि हैं। अब आप चुप रहिए। बाकियों को सुनने दीजिए। कीर्ति सिंह ने कहा था कि मैं कोर्ट की महिला वकीलों की तरफ से बोल रही हूं। हमने रेप से जुड़े कानून पर काफी अध्ययन किया है। यह एक झकझोरने वाली घटना हुई है। तब चीफ जस्टिस ने कहा था कि हर कोई कह रहा है कि घटना झकझोरने वाली है। हम भी यह मानते हैं। तभी आपको सुन रहे हैं लेकिन आप इलाहाबाद हाईकोर्ट क्यों नहीं गईं। कीर्ति सिंह ने कहा कि हम उप्र से बाहर मामले को ट्रांसफर करना चाहते हैं। यह सुप्रीम कोर्ट कर सकता है। चीफ जस्टिस ने कहा था कि इलाहाबाद हाईकोर्ट भी एक संवैधानिक कोर्ट है। आप पहले वहां जाइए। अगर राहत न मिले तो हमारे दरवाजे खुले हैं। तब इंदिरा जयसिंह ने कहा कि मामले का वकील एनएएलएसए से हो। उसके बाद चीफ जस्टिस ने कहा कि हम अच्छा वकील नियुक्त करेंगे, आप सुझाव दें। इस पर तुषार मेहता ने इंदिरा जयसिंह से सुझाव लेने का विरोध किया। मेहता ने कहा लो कि कई लोगों ने मामले पर एक मत बना रखा है। तरह-तरह की बातें फैलाई जा रही हैं। आरोपित के पिता की नेताओं के साथ तस्वीरें फैलाई जा रही हैं। एक पत्रकार का परिवार को भड़काते हुए ऑडियो है। चीफ जस्टिस ने मेहता से पूछा था कि आप बताइए कि उप्र में गवाहों की सुरक्षा का क्या प्रोग्राम है। क्या परिवार ने कोई वकील नियुक्त किया है। चीफ जस्टिस ने कहा था कि हाईकोर्ट में मामला किस स्थिति में है। हम इसके आधार पर जांच को बेहतर बनाने के लिए आदेश देंगे। सामाजिक कार्यकर्ता सत्यमा दुबे, विकास ठाकरे रुद्र प्रताप यादव और सौरभ यादव ने याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि यूपी में मामले की जांच और ट्रायल निष्पक्ष नहीं हो सकती है। याचिकाकर्ताओं की ओऱ से वकील संजीव मल्होत्रा ने कहा है कि पुलिस का यह बयान कि परिवार की इच्छा के मुताबिक शव का दाह-संस्कार किया गया है, झूठा है, क्योंकि पुलिसकर्मियों ने खुद ही मृत शरीर का अंतिम संस्कार कर दिया। यहां तक कि मीडियाकर्मियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। याचिका में कहा गया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई या सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के एक वर्तमान या रिटायर्ड जज की निगरानी में एसआईटी बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में इस मामले का ट्रायल उत्तर प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की गई है। हिन्दुस्थान समाचार/ संजय-hindusthansamachar.in