हाथरस केस: पीएफआई के 4 सदस्यों से ईडी ने की पूछताछ
हाथरस केस: पीएफआई के 4 सदस्यों से ईडी ने की पूछताछ
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हाथरस केस: पीएफआई के 4 सदस्यों से ईडी ने की पूछताछ

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रद्द ....रद्द....रद्द.......... संपादक.....कृपया पूर्व में न्यूज स्टोरी आईडी 1026903 के तहत 'मथुराः सीएफआई के गिरफ्तार 4 सदस्यों से ईडी ने शुरू की पूछताछ' समाचार को रद्द कर दें और उसके स्थान पर यह समाचार लें............ मथुरा, 14 अक्टूबर (हि.स.) (अपडेट)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम बुधवार को यहां पहुंच गई। थाना हाई-वे स्थित रतनलाल फूल कटोरी देवी स्कूल में बनाई गई अस्थाई जेल में बंद पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के चार सदस्यों से ईडी विदेशों से हुई फंडिंग मामले में पूछताछ कर रही है। मुजफ्फरनगर निवासी अतीकुर्रहमान, रामपुर निवासी आलम, केरल निवासी सिद्दीकी कप्पन और बहराइच निवासी मसूद अहमद को पांच अक्टूबर की रात्रि दिल्ली से हाथरस जाते समय चेकिंग के दौरान मथुरा के मांट टोल प्लाजा पर पकड़ा गया था। उस समय इन लोगों ने खुद को पत्रकार बताते हुए पूछताछ में कहा था कि वे सभी लोग हाथरस में गैंगरेप मामले को कवर करने जा रहे हैं। बाद में पता चला कि वे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) एवं उसके सह संगठन कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) से जुड़े हुए हैं। इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल और जस्टिस फॉर हाथरस के पंपलेट बरामद हुए थे। पिछले 5 अक्टूबर को हाथरस टोल प्लाजा पर यूपी पुलिस ने तीन अन्य पत्रकारों अतीक-उर रहमान, मसूद अहमद और आलम को गिरफ्तार कर लिया था। यूपी पुलिस ने तीनों पर पोपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से संबंध होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक इन पत्रकारों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप और कुछ साहित्य बरामद किए गए थे जिनका शांति पर असर पड़ने की आशंका थी। पुलिस ने इन चारों पर यूएपीए के तहत एफआईआर दर्ज की थी। सीजेएम कोर्ट में पेश करने के बाद अदालत के आदेश पर चारों को थाना हाईवे स्थित रतनलाल फूल कटोरी देवी स्कूल में बनाई गई अस्थाई जेल में बंद कर दिया गया। इन सभी पर हाथरस में जाकर सांप्रदायिक हिंसा कराने की साजिश का आरोप है। इसके लिए विदेश फंडिंग भी हुई है। सीजेएम कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद बुधवार की सुबह 11 बजे प्रवर्तन निदेशालय ईडी डिप्टी डायरेक्टर विनय कुमार के नेतृत्व में 12 सदस्य टीम जेल पहुंचे हैं। ईडी की टीम विदेशों से फंडिंग के मामले में पीएफआई के सदस्यों से पूछताछ की। केरल निवासी सिद्दीकी कप्पन ने खुद को एक मलयाली आनलाइन न्यूज पोर्टल में कंट्रीब्यूटर बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करके कप्पन की गिरफ्तारी को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताते हुए तुरंत रिहाई की मांग की गई। इस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने की सलाह देते हुए याचिका पर सुनवाई चार हफ्ते के लिए टाल दी थी। हिन्दुस्थान समाचार/महेश/सुनीत-hindusthansamachar.in