सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में एनएलयू छात्र की मौत की नए सिरे से जांच के आदेश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में एनएलयू छात्र की मौत की नए सिरे से जांच के आदेश दिए
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सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में एनएलयू छात्र की मौत की नए सिरे से जांच के आदेश दिए

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नई दिल्ली, 16 सितम्बर (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू) जोधपुर के छात्र विक्रांत नगायच की रहस्यमयी मौत की नये सिरे से जांच करने का आदेश दिया है। जस्टिस आरएफ नरीमन की अध्यक्षता वाली बेंच ने राजस्थान सरकार की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दी। कोर्ट ने पिछले 8 सितम्बर को इस मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राजस्थान सरकार को इस बात के लिए फटकार लगाई थी कि वो इस मामले को बंद करना चाहती है। विक्रांत नगायच की मौत 14 अगस्त 2017 को संदेहास्पद परिस्थितियों में जोधपुर के नेशनल लॉ युनिवर्सिटी के पास रेलवे ट्रैक पर हो गई थी। नगायच रात में अपने दोस्तों के साथ खाना खाने निकला था। विक्रांत नगायच की मां नीतू नगायच ने याचिका दायर कर कहा था कि नेशनल लॉ युनिवर्सिटी जोधपुर ने मौत की सूचना उन्हें देने में आनाकानी की। विक्रांत नगायच के दोस्तों के दबाव में युनिवर्सिटी प्रशासन ने विक्रांत नगायच के माता-पिता को सूचना दी। याचिका में कहा गया था कि युनिवर्सिटी प्रशासन ने मीडिया से कहा कि विक्रांत ने डिप्रेशन में आकर खुदकुशी कर ली थी। स्थानीय पुलिस ने संदिग्धों को पकड़ने की कोई कोशिश नहीं की। नीतू नगायच ने 2019 में राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले की जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग की थी। पिछले फरवरी में हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी को इस मामले की विस्तृत जांच का आदेश देकर उनकी याचिका का निस्तारण कर दिया। हिन्दुस्थान समाचार/ संजय-hindusthansamachar.in