सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश विधानसभा स्पीकर से एक हफ्ते में मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश विधानसभा स्पीकर से एक हफ्ते में मांगा जवाब
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सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश विधानसभा स्पीकर से एक हफ्ते में मांगा जवाब

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- कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए 22 विधायकों की अयोग्यता पर फैसला लेने का निर्देश नई दिल्ली, 22 सितम्बर (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश विधानसभा स्पीकर से यह बताने का निर्देश दिया है कि वो कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए 22 विधायकों की अयोग्यता पर फैसला कब तक लेंगे। चीफ जस्टिस एसए बोब्डे की अध्यक्षता वाली बेंच ने मध्यप्रदेश विधानसभा के स्पीकर को एक हफ्ते में इसका उत्तर देने का निर्देश दिया है। याचिका जबलपुर से कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना ने दायर की है। विनय सक्सेना की ओर से वकील विवेक तन्खा ने कहा कि मार्च महीने में कांग्रेस के 22 विधायकों को भाजपा की ओर से बेंगलुरु में रखा गया था। 10 मार्च को इन विधायकों के त्यागपत्र भी विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष पेश किए गए थे। 13 मार्च को कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष इन विधायकों को अयोग्य करार देने के लिए याचिका दायर की थी। इन विधायकों के त्यागपत्र तो मंजूर कर लिए गए लेकिन उनकी अयोग्यता के लिए दायर याचिका पर अभी तक कोई फैसला नहीं किया गया है। याचिका में कहा गया है कि विधायकों की अयोग्यता पर सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष के लिए तीन महीने का दिशा-निर्देश जारी किया हुआ है। याचिका में कहा गया है कि एक पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में गए विधायक अपने कार्यकाल के दौरान मंत्री नहीं बन सकते हैं जब तक वे दोबारा चुनाव जीतकर विधायक न बन जाएं। अगर विधानसभा उन्हें अयोग्य घोषित कर देते तो वे मंत्री नहीं बन पाते लेकिन कुछ विधायकों को नई भाजपा सरकार में मंत्री बना दिया गया। याचिका में इन विधायकों का मंत्री पद वापस लेने का आग्रह किया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/सुनीत-hindusthansamachar.in