सर डेविड एटनबरो को मिला 2019 का इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार
सर डेविड एटनबरो को मिला 2019 का इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार
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सर डेविड एटनबरो को मिला 2019 का इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार

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नई दिल्ली, 07 सितम्बर (हि.स.)। मशहूर प्रकृतिवादी और प्रसारक (ब्रॉडकास्टर) सर डेविड एटनबरो को वर्ष 2019 के इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इंदिरा गांधी स्मारक न्यास की ओर से सोमवार को आयोजित डिजिटल कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने डेविड एटनबरो को इस पुरस्कार से नवाजा। कार्यक्रम में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए। हालांकि इस पुरस्कार की घोषणा बीते साल इंदिरा गांधी की 102वीं जयंती के मौके पर की गई थी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सर डेविड प्रकृति का विशेष ख्याल रखने वाले शख्स हैं। उन्होंने कहा कि सर डेविड को हम सब पहले से ही प्राकृतिक दुनिया के बारे में उनकी शानदार फिल्मों और पुस्तकों के जरिए मानव जाति को शिक्षित करने की विलक्षण रचनात्मकता के माध्यम से अच्छी तरह से जानते हैं। प्रकृति संरक्षण की दिशा में सबसे समझदार आवाज के तौर पर डेविड एटनबरो ने पर्यावरण के खतरे को लेकर हमें आगाह किया है। प्रकृति जगत के लिए किए कार्यों को लेकर उनकी खूब प्रशंसा होती है। इस दौरान सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी प्रकृति संरक्षक की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इंदिरा जी को एक विकासशील देश की प्रधानमंत्री होने का आभास था। वो जानती थीं कि भारत को निवेश की गति में तेजी लाने और अपने आर्थिक बुनियादी ढांचे का विस्तार करने की आवश्यकता है। इन सब कार्यों के इतर वह 'पारिस्थितिक संतुलन' बनाए रखने के लिए भी काफी संवेदनशील थीं। तभी तो एक राजनीतिक परिवार में पैदा होने के बावजूद प्रकृति के प्रति उनका लगाव बहुत अधिक था। उनकी राजनीतिक पारी उस संतुलन की तलाश थी, अपने सहयोगियों और लोगों को शिक्षित करने की एक यात्रा थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह आश्चर्य की बात नहीं है कि भारत ने अपने अद्भुत जैव-विविधता की रक्षा के लिए अब जो कानूनी और संस्थागत ढांचा तैयार किया है, उसकी नींव इंदिरा जी के प्रधानमंत्रित्व कार्यकाल के दौरान ही रखी गई थी। उन्होंने कहा, “इंदिरा जी का दृष्टिकोण स्पष्ट था कि सार्थक निरस्त्रीकरण के बिना आप स्थायी शांति नहीं पा सकते हैं और पर्यावरण की रक्षा के बिना विकास स्थायी नहीं होगा। वो मौसम के बदलते प्रतिमानों पर ध्यान आकर्षित करने वाले शुरुआती वैश्विक नेताओं में से एक थीं।” पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने कहा कि सर डेविड एटनबरो प्रकृति की मानवीय आवाज़ हैं। उन्होंने पृथ्वी, प्रकृति और जीव-जन्तुओं को बेहतर तरीके से समझा और उनके संरक्षण के लिए सराहनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि अगर किसी को प्राकृतिक दुनिया के संदर्भ में एक जीवित दिव्य चरित्र के रूप में वर्णित किया जा सकता है, तो वह सर डेविड हैं। सात दशकों से वो प्रकृति की मानवीय आवाज़ रहे हैं। उन्होंने हमें प्रकृति के साथ एकजुट किया है। इतना ही नहीं, फिल्मों के माध्यम से, जिनमें से कई पुरस्कार विजेता किताबें, लेख और व्याख्यान रहे हैं, उन्होंने दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए, बच्चों से लेकर वयस्कों, चमत्कारों, सुंदरता और प्राकृतिक दुनिया के रहस्यों तक सभी को जीवंतता प्रदान की है। अब तक किसे यह मिला पुरस्कार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की स्मृति में स्थापित इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट वर्ष 1986 से हर साल शांति, समाज सेवा, निरस्त्रीकरण और विकास के क्षेत्र में काम करने वाले किसी व्यक्ति या संगठन को प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार प्रदान करता आ रहा है। वर्ष 1986 में पहला पुरस्कार पार्लियामेंट्रियंस फॉर ग्लोबल एक्शन को दिया गया था। उसके बाद 1987 में रूसी नेता मिखाइल गोरबचेव को सम्मान से नवाजा गया। 1988 में ग्रो हारलेम, 1989 में यूनिसेफ, 1990 में सैन नूजोमा, 1991 में राजीव गांधी, 1992 में सबुरो ओकिता को दिया गया। भारतीय हस्तियों में 1999 में एम.एस. स्वामीनाथन, 2011 में एला भट्ट, 2014 में इसरो, 2017 में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा 2018 में सेंटर फॉर साइंस एण्ड एनवायरमेंट का नाम शामिल, जिन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इस बीच जिमी कार्टर, शेख हसीना और एंजेला मार्केल आदि हस्तियों का भी सम्मान किया गया। हिन्दुस्थान समाचार/आकाश/सुनीत-hindusthansamachar.in