संसद सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने के संवैधानिक दायित्व को पूरा करेगी :  लोक सभा अध्यक्ष
संसद सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने के संवैधानिक दायित्व को पूरा करेगी : लोक सभा अध्यक्ष
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संसद सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने के संवैधानिक दायित्व को पूरा करेगी : लोक सभा अध्यक्ष

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नई दिल्ली, 10 सितम्बर (हि.स.)। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संसद हमारे देशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है और वर्तमान परिस्थितियों में भी संसद सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने के संवैधानिक दायित्व को पूरा करेगी। बिरला ने गुरुवार को मीडिया के साथ बातचीत में संसद के आगामी मानसून सत्र के लिए लोक सभा सचिवालय द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने मीडिया कर्मियों को लोक सभा कक्ष और दीर्घाओं में ले जाकर मानसून सत्र के लिए की गई व्यवस्था भी दिखाई । इस दौरान बिरला ने कहा कि 17वीं लोक सभा का चौथा सत्र 14 सितम्बर, 2020 से आरंभ होगा और 01 अक्टूबर, 2020 तक चलेगा । इस सत्र में कुल 18 बैठकें होंगी । यह सत्र चुनौतीपूर्ण परिस्थितयों में आयोजित किया जा रहा है, जब देश कोविड-19 महामारी का सामना कर रहा है । उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं कि सत्र का आयोजन कोविड-19 से संबंधित स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी दिशानिर्देशों के अनुरूप किया जाएगा । इसके लिए राज्य सभा सचिवालय, चिकित्सा विशेषज्ञों और अन्य विभागों के साथ विस्तारपूर्वक सलाह-मशविरा किया गया । बिरला ने यह भी कहा कि 14 सितम्बर को लोक सभा की बैठक प्रात: नौ बजे से अपराह्न एक बजे तक होगी और 15 सितम्बर से 01 अक्टूबर तक बैठकें अपराह्न तीन बजे से सायं सात बजे तक होंगी । इस सत्र का आयोजन दोनों सभाओं के कक्षों में किया जाएगा । लोक सभा कक्ष में 257 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी और 172 सदस्य लोक सभा की दीर्घाओं में बैठेंगे । राज्य सभा कक्ष में 60 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गई है और 51 सदस्य राज्य सभा की दीर्घाओं में बैठेंगे । सदस्यों को संक्रमण से बचाने के लिए सीटों के बीच पारदर्शी पॉलिकार्बोनेट शीट लगाई गई हैं । बिरला ने बताया कि अतारांकित प्रश्नों के उत्तर सभा पटल पर रखे जाएंगे और शून्य काल का प्रतिदिन आधे घंटे का समय निर्धारित किया गया है। कागजों का इस्तेमाल कम किया जाएगा और संसदीय पत्र भी डिजिटल रूप में उपलब्ध कराए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं । केन्द्रीय कक्ष में केवल सदस्य प्रवेश करेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी बताया कि सभी सांसदों से सत्र से पहले कोविड-19 की जांच करवाने का अनुरोध किया गया है। संसद भवन परिसर में सदस्यों की उपस्थिति दर्शाने के लिए एक मोबाइल उपस्थिति एप ‘अटेन्डेंस रजिस्टर’ तैयार किया गया है। इस तथ्य का उल्लेख करते हुए कि सकारात्मक वाद-विवाद हमारे संसदीय लोकतंत्र का अभिन्न अंग है, बिरला ने यह विश्वास व्यक्त किया कि जिस प्रकार सभी सांसदों ने कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में लोगों को राहत और सहायता पहुंचाई है, उसी प्रकार वे जन कल्याण सुनिश्चित करने के लिए और राष्ट्रहित में अपने सामूहिक विधायी दायित्वों को भी सार्थक ढंग से निभाएंगे । हिन्दुस्थान समाचार/अजीत-hindusthansamachar.in