शान्ता ने संजय राउत को दिलाई महात्मा बुद्ध की याद, कंगना से मुंबई न जाने का आग्रह
शान्ता ने संजय राउत को दिलाई महात्मा बुद्ध की याद, कंगना से मुंबई न जाने का आग्रह
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शान्ता ने संजय राउत को दिलाई महात्मा बुद्ध की याद, कंगना से मुंबई न जाने का आग्रह

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पालमपुर, 07 सितम्बर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री शान्ता कुमार ने कहा कि शिव सेना नेता सजंय राउत ने हिमाचल की बेटी कंगना रणौत के लिए जिन शर्मनाक शब्दों का प्रयोग किया है, उससे शर्म से सिर झुक जाता है। संजय राउत को कहते हुए शर्म क्यों नहीं आई। उन्हें महात्मा बुद्ध को याद करना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री शान्ता कुमार ने कहा कि संजय राउत ने जो कहा है, उसे मैं नहीं दोहराऊंगा और न याद करूंगा। क्योंकि मुझे याद आ गया। महात्मा बुद्ध जा रहे थे। कुछ विरोधी सामने आये और गालियां देने लगे। महात्मा बुद्ध खड़े हो गये, मुस्कराने लगे। गालियां देने वाले थक गये। बुद्ध ने पूछा, आपको कुछ और देना है। उन्हें शर्म आई। बुद्ध ने कहा आपने जो भी दिया मैंने तो लिया नही - देखो मेरे कपड़े वैसे के वैसे ही हैं वो सारी गालियां तुम्हारे ऊपर लगी हैं। मुझे बहुत दुख है, कह कर बुद्ध ने हाथ जोड़े और चले गये। शान्ता कुमार ने कंगना रणौत परिवार को कहा है कि बुद्ध के साथ तो 25-30 लोग थे जिन्होंने वे गालियां उन लोगों पर फेंकी परन्तु भारत के करोड़ों लोगों ने वह गन्दगी सजंय राउत पर फेंकी है। उनका मुंह ही गन्दा नहीं हुआ वे बेचारे उस गन्दगी में सिसक रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मेरे लम्बे सार्वजनिक जीवन में भी बहुत कम पर कुछ ऐसे मौके आये थे। मैंने महात्मा बुद्ध को याद करके यही किया और आज अपनी मजिंल पर पहुंच गया।' शान्ता कुमार ने कंगना रणौत को कहा कि वह भी मुस्काराएं, भूल जाएं और आगे बढ़ें। हम सब नहीं पूरा देश उनसे बहुत कुछ आशा लगाये बैठे हैं। इस छोटे जीवन में प्रभु कृपा से उसने बहुत कर लिया है। परन्तु उसका उज्जवल भविष्य उसके सामने है। उन्होंने कहा कंगना को ”मणिर्कणिका“ से बहुत आगे जाना है। उन्होंने कंगना रणौत और उनके परिवार से आग्रह किया है कि वह अभी मुंबई न जाएं। केवल कोरोना ही नहीं यह दूसरी बीमारी भी अभी वहां है। कंगना बेटी अभी मनाली में ही आराम करे। यह सब कुछ भूल जाएं। हिन्दुस्थान समाचार/सुनील/बच्चन-hindusthansamachar.in