विकास की परिभाषा थी नेताओं की निजी संपत्ति, साढ़े तीन साल में बदल गई क्षेत्र की तस्वीर: जवाहर लाल राजपूत
विकास की परिभाषा थी नेताओं की निजी संपत्ति, साढ़े तीन साल में बदल गई क्षेत्र की तस्वीर: जवाहर लाल राजपूत
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विकास की परिभाषा थी नेताओं की निजी संपत्ति, साढ़े तीन साल में बदल गई क्षेत्र की तस्वीर: जवाहर लाल राजपूत

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सड़कों के जाल के साथ सिंचाई व बिजली की व्यवस्थाओं पर हुआ तेजी से कार्य झांसी, 17 सितम्बर (हि.स.)। आगामी 19 सितंबर को उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार अपने साढ़े तीन वर्ष पूरे करने जा रही है। इस साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में जनपद के सबसे पिछड़े विधानसभा क्षेत्र गरौठा में सड़कों का विकास व किसानों के मुद्दे अहम रहे। इस दौरान क्षेत्र के विकास के साथ तीन वर्ष में किसान नेता के रुप में चुने गए विधायक जवाहर सिंह राजपूत के व्यक्तिगत जीवन में भी परिवर्तन हुए। विधानसभा में बैलगाड़ी से पहुंचने वाले विधायक जवाहर लाल राजपूत जहां बैलगाड़ी से सफारी तक पहुंचे तो क्षेत्र में भी सड़कों का जाल सा बिछा है। वहीं बिजली और किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए भी कार्य किया गया। विकास के इन्हीं बिन्दुओं के साथ हिन्दुस्थान समाचार के संवाददाता महेश पटैरिया की हुई विशेष वार्ता के दौरान साढ़े तीन सवालों के जवाब कुछ इस प्रकार रहे। हिन्दुस्थान समाचार प्रतिनिधि के पहले सवाल का जबाब देते हुए गरौठा विधायक ने क्षेत्र के विकास की प्रमुख उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि गरौठा विधानसभा एक ग्रामीण विधानसभा है। जब जनता के सामने वह गए थे तो विकास और किसानों का मुद्दा ही प्रमुख एजेण्डे में था। जनता का आशीर्वाद मिलने के बाद इसी को पूरा करने में वह लगे हुए हैं। बताया कि गरौठा विधानसभा में पिछले साढ़े तीन साल में जो विकास के कार्य हुए हैं वे यहां पिछले डेढ़ दशक में भी नहीं हुए थे। यहां न सड़कें थीं, न बिजली और न ही पानी। विकास की परिभाषा पहले यहां नेताओं की निजी संपत्ति तक ही सीमित थी, लेकिन अब गरौठा विधानसभा की साढ़े तीन साल में तस्वीर बदल गई है। सड़कों का बिछाया जाल गरौठा से गुरसरांय, रामनगर, चिरगांव तक सडक ही नहीं थी। यहां भाजपा सरकार के नेतृत्व में 50 किलोमीटर लंबी सडक बनकर तैयार है। यह सड़क 10 मीटर चैड़ी है, जिसे बनाने में 250 करोड़ रुपए की लागत आई है। इसके साथ ही सिकंदरा, समथर, दमोह, इंटरस्टेट सड़क निर्माण कार्य भी पूरा हो गया है। 40 करोड़ की लागत से बनी यह सड़क 20 किलोमीटर लंबी है। इसके अलावा मोंठ-भाण्डेर इंटरस्टेट सडक निर्माण पर 35 करोड़ रुपया खर्च किया गया यह सड़क लगभग बनकर तैयार है। साथ ही मोंठ, समथर से पंडोखर को जोड़ने वाली इंटरस्टेट सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। गरौठा से मऊ 40 किलोमीटर लंबी सड़क, गरौठा से ककरबई सड़क 12 किलोमीटर, गुरसरांय, कुरैठा से कोटरा तक 25 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य हो गया है। वहीं खड़ेनी से बामौर और गढ़बई तक 12 किलोमीटर लंबी सड़क पर निर्माण कार्य चल रहा है। सिंचाई व पेयजल पर भी हुआ तेजी से कार्य गरौठा विधानसभा में सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं पर भी काफी तेजी से कार्य चल रहा है। बढ़वार झील को भरने के लिए गुरसरांय कैनाल से उसे भरे जाने को मुख्य नहर से लिंक किए जाने की प्रक्रिया शुरू कराई है। इस योजना पर 48 करोड़ का खर्च आ रहा है, लेकिन इससे सूखा की स्थिति में भी झील में पानी भरा रहेगा। नहर से लिंक होने से सिंचाई के लिए किसानों को इससे बड़ा फायदा होगा। इसके साथ ही गुरसराय नगर व गोकुल गांव में बुंदेलखंड विकास निधि से जल निगम ने 1.50 करोड़ की लागत से 9 टंकियों का निर्माण कराया है। पानी की टंकियां शुरू होने से स्थानीय पेयजल की समस्या खत्म हो गई है। वहीं, गुरसराय-गरौठा के लिए सामूहिक पेयजल योजना 83 करोड़ की लागत से शुरू हो रही है। इसके लिए दस करोड़ रुपए जारी कर कार्य शुरू करा दिया गया है। इससे घर-घर पानी पहुंचाया जा सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की साझा योजना हर घर नल जल योजना से गुरसरांय और बामौर ब्लॉक के कई ग्रामों में कार्य शुरु हो गया है। विधानसभा में किसानों को सर्वाधिक ट्यूबवैल दिलाए गए हैं। जिससे कि उनको सिंचाई में लाभ मिल सके। यहां के किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का सर्वाधिक लाभ दिलाया गया है। प्रदेश में सर्वाधिक खरीफ की फसल का बीमा और मुआब्जा झांसी जिले के किसानों को मिल सका है। मारकुआ-कुरैथ पॉवर हाउस का निर्माण कराया गया इससे ग्रामीण क्षेत्र में पर्याप्त बिजली मिल पा रही है। जन सहयोग से हुए जल संचयन के कार्य इसके साथ ही हमने जल संचयन पर जन सहयोग से भी कार्य कराए हैं। इनमें गुरसरांय बड़ी मातन का तालाब खोदा गया। इसमें पर्याप्त पानी भरा गया है। इसी में साथ मोंठ के 150 साल पुराने चैपड़ा तालाब को जनता का सहयोग लेकर पुनर्जीवित किया गया। विधानसभा क्षेत्र के गांव-गांव में गौशालाओं का निर्माण कराया जा रहा है। 20 गौशालाओं का निर्माण हो गया है। इसके अलावा पशु आश्रय केंद्र ग्राम पंचायत स्तर पर बनाए जा रहे हैं। विधायक निधि से भी इसमें काफी पैसा दिया गया है ताकि अन्ना जानवरों को रोका जा सके और छुट्टा जानवर किसानों की फसल को नुकसान न पहुंचा सकें। विधायक निधि से कई ग्रामीण क्षेत्रों में सडकों का निर्माण, बिजली के खम्बों की व्यवस्था कराई गई। लगातार विधानसभा में जनहित के मुद्दों को उठाया जा रहा है। सर्वाधिक सवाल हमारे द्वारा पूछे गए हैं। डेढ़ साल का नहीं करते इंतजार, हमेशा हूं जनता के बीच हिन्दुस्थान समाचार ने जब उनसे पूछा कि डेढ़ वर्ष बाद विधानसभा चुनाव हैं, वह किन मुद्दों के साथ जनता के बीच जाएंगे? इस पर गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने कहा कि वह डेढ़ साल बाद जनता के बीच जाने का इंतजार नहीं करते हैं बल्कि हमेशा जनता के बीच रहते हैं। विकास कार्यों की श्रृंखला 2017 में विधायक बनने के साथ ही शुरू कर दी गई थी यह लगातार जारी है। गरौठा विधानसभा का पंद्रह सालों में जितना विकास नहीं हुआ है जितना भाजपा सरकार के दौरान विकास हुआ। जनता के बीच विकास का मैसेज भाजपा सरकार के गुडवर्क का ही है। विधायक विकास का माध्यम है और हम अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं। अन्य पार्टियों की सोच-सबका साथ अपना विकास उत्तर प्रदेश में भाजपा और अन्य पार्टियों की सोच में बड़ा अंतर है। अन्य विपक्षी पार्टियां सबका साथ और अपना विकास की सोच के साथ सत्ता चलाती हैं। भाजपा सबका साथ, सबका विकास की सोच को सच साबित कर रही है। भाजपा सरकार में किसी भी जाति, वर्ग विशेष के प्रति भेदभाव नहीं है। सभी के लिए बराबर कार्य किया जा रहा है। अपराधियों पर नकेल कस दी गई है। समाज के भीतर अब भय का माहौल नहीं है। प्रभु श्रीराम के मंदिर का निर्माण आस्था का विषय अपने आधे और अन्तिम प्रश्न के उत्तर में गरौठा विधायक ने कहा कि अयोध्या में राममंदिर निर्माण भाजपा के घोषणा पत्र में जरूर था, लेकिन ये जन आस्था का विषय है। भगवान राम सबके हैं और भाजपा के लिए यह राजनीतिक लाभ हानि का विषय कभी नहीं रहा। भाजपा राम मंदिर की पक्षधर इसलिए रही है क्योंकि इसका एक ऐतिहासिक महत्व भारत की प्राचीन संस्कृति से है। किसी भी राष्ट्र की संस्कृति और जनआस्था मिटनी नहीं चाहिए। अयोध्या में मंदिर कई हजार साल पहले की विरासत है ये प्रमाणित हो गया है। राजनीति से दूर मंदिर निर्माण शुरू हो गया है। यह अब विश्व की आस्था का केन्द्र बना हुआ है। लॉकडाउन के पूर्व विधायक निधि का नहीं हुआ था 20 प्रतिशत भी खर्च, कागजों पर विकास विधानसभा क्षेत्र के बामौर विकासखण्ड निवासी कुलदीप त्रिपाठी बताते हैं कि विधायक जवाहर लाल राजपूत भले ही क्षेत्र में विकास कार्यों की बात कर रहे हैं। यह बात काफी हद तक सही भी है,लेकिन ये विकास प्रदेश सरकार की ओर से है। हकीकत तो यह है कि विधानसभा क्षेत्र की 20 प्रतिशत विकास निधि भी वह खर्च नहीं कर पाए हैं। कुलदीप ने कहा कि गरौठा विधानसभा क्षेत्र जिले का सबसे पिछड़ा क्षेत्र है। फिर भी विधायक जी को खर्च करने के रास्ते ही नजर नहीं आए,यह चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि रोजगार का मुद्दा छोड़कर बाकी सभी मामलों में योगी सरकार सफल रही है। योगी सरकार के अपराध नियंत्रण,कम्पनियों को आकर्षित करने में सफल होने,कोविड के दौरान लोगों को भोजन व्यवस्था उपलब्ध कराने, प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने व साफ-सफाई के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए सराहा। अधिकारीवादी युग का हुआ सूत्रपात वहीं गुरसरांय कस्बे के निवासी नीतेश सोनी ने बताया कि वह विधायक से पूरी तरह संतुष्ट हैं। वह जनता के बीच रहते हैं। हालांकि उन्होंने भाजपा सरकार को रोजगार के मुद्दे पर कमजोर बताया। उन्होंने विकास के नाम पर बताया कि आज भी 5 प्रतिशत ऐसे गांव हैं,जहां बिजली या तो है नहीं या फिर महीनों में आती है। उन्होंने बताया कि सरकार की उपलब्धियों में आमजन के लिए कल्याणकारी योजनाएं, सड़क, कानूनी व्यवस्था, अपराध पर अंकुश व अधिकारीवादी युग का सूत्रपात प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि वह केन्द्र सरकार की नीतियों से संतुष्ट हैं। मोदी के नाम पर ही मतदान करेंगे। लेकिन अर्थव्यवस्था चरमराने को लेकर चिंतित भी हैं। हिन्दुस्थान समाचार-hindusthansamachar.in