वरिष्ठ नागरिकों को कोरोना से बचाव की जरूरी चीजें मुफ्त न देने पर राज्य सरकारों को सुप्रीम फटकार
वरिष्ठ नागरिकों को कोरोना से बचाव की जरूरी चीजें मुफ्त न देने पर राज्य सरकारों को सुप्रीम फटकार
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वरिष्ठ नागरिकों को कोरोना से बचाव की जरूरी चीजें मुफ्त न देने पर राज्य सरकारों को सुप्रीम फटकार

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नई दिल्ली, 07 सितम्बर (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ नागरिकों को कोरोना से बचाव की ज़रूरी चीजें मुफ़्त नहीं मिलने पर राज्य सरकारों को फटकार लगाई है। जस्टिस अशोक भूषण ने कहा कि यह एक बड़ा देश है, जनता की समस्याओं से जुड़ा हर मामला कोर्ट में जनहित याचिका के तौर पर नहीं सुना जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने चार हफ्ते में विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सरकारों को खुद जनता कि दिक़्क़तों का ख़याल रखना चाहिए। आज सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि राज्य सरकारों ने केवल रिपोर्ट दाखिल किया है जो कि अपर्याप्त है। बुजुर्गों के लिए किए जाने वाले उपायों के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। यह याचिका पूर्व कानून मंत्री और वरिष्ठ वकील अश्विनी कुमार ने दायर की है। कोर्ट ने 4 अगस्त को केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिया था कि वे कोरोना के दौरान अकेले रह रहे वरिष्ठ नागरिकों का ध्यान रखें। कोर्ट ने कहा था कि वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धावस्था पेंशन नियमित रुप से मिले इसका ध्यान रखा जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा था कि वृद्धाश्रम के सेवक बुज़ुर्गों की सुरक्षा का ध्यान रखें। कोर्ट ने कहा था कि जरूरत के मुताबिक सरकारें वरिष्ठ नागरिकों को भोजन, सैनिटाइजर और दूसरी जरूरी चीजें उपलब्ध कराएं। कोर्ट ने कहा था कि अकेले बुज़ुर्ग कोई ज़रूरत बताएं तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने कहा था कि वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल करना सरकार की जिम्मेदारी है। हिन्दुस्थान समाचार/ संजय/सुनीत-hindusthansamachar.in