लॉकडाउन के बाद शिक्षण संस्थानों को खोलने के लिए यूजीसी ने जारी किये दिशानिर्देश
लॉकडाउन के बाद शिक्षण संस्थानों को खोलने के लिए यूजीसी ने जारी किये दिशानिर्देश
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लॉकडाउन के बाद शिक्षण संस्थानों को खोलने के लिए यूजीसी ने जारी किये दिशानिर्देश

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नई दिल्ली, 5 नवम्बर (हि.स.)। कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण करीब सात महीने के लॉकडाउन के बाद विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को फिर से खोलने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने गुरुवार को नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यूजीसी के दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कुल छात्रों का 50 प्रतिशत से अधिक की उपस्थिति किसी भी समय नहीं होनी चाहिए और आवश्यक दिशानिर्देशों व प्रोटोकॉल का अनुपालन किया जाना चाहिए ताकि कोविड-19 के प्रसार को रोका जा सके। केंद्र से वित्तपोषित उच्च शिक्षा संस्थानों को खोलने के लिए पहले संस्था प्रमुख को स्वंय संतुष्ट होना होगा। सभी संस्था प्रमुखों को कक्षाओं को खोलने के लिए निर्णय लेने की छूट दी गई है। सभी उच्च शिक्षण संस्थाओं में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के निर्णय के अनुसार कक्षाएं संचालित होंगी। अन्य सभी उच्च शैक्षणिक संस्थानों जैसे राज्य के विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों कॉलेजों के लिए राज्य सरकारों और केंद्र शासित राज्यों को फैसला लेने का अधिकार होगा। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाना अनिवार्य होगा। विश्वविद्यालय और कॉलेज विभिन्न तरह की सुरक्षात्मक उपायों का उपयोग करके चरणबद्ध तरीके से परिसर खोलने की योजना बना सकते हैं। इसमें प्रशासनिक कार्यालय, अनुसंधान प्रयोगशालाएं और पुस्तकालय आदि को भी शामिल किया जा सकता है। रिसर्च के लिए जरुरी कदम उठाए गए हैं। विज्ञान-प्रौद्योगिकी और अनुसंधान में स्नातकोत्तर छात्र शामिल हो सकते हैं। क्योंकि रिसर्च करने वालों की संख्यातुलनात्मक रूप से कम होती है। इन संस्थानों में सोशल डिस्टेंसिंग और निवारक उपायों को आसानी से लागू किया जा सकता है। शिक्षा का रोजगार से सीधा संबंध है ऐसे में अंतिम वर्ष के छात्रों को भी शैक्षणिक कार्यों और प्लेसमेंट के लिए संस्थान प्रमुख के निर्णय के अनुसार शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है। विज्ञान प्रौद्योगिकी और रिसर्च को छोड़कर अन्य सभी कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन क्लास जारी रहेंगे। ऑनलाइन और डिस्टेंस एजुकेशन पहले की तरह पसंदीदा तरीका बना रहेगा और इसे और बढ़ावा दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर छात्र पूर्व निर्धारित समय पर शिक्षकों के साथ परामर्श के लिए संबंधित विभागों में जा सकते हैं ताकि भीड़ से बचा जा सके और सामाजिक दूरी के मानदंडों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हो सके। अगर छात्र चाहें तो कक्षाओं में भाग न लेकर घर पर ही रहकर ऑनलाइन अध्ययन कर सकते हैं। संस्थान ऐसे छात्रों के पठन-पाठन के लिए ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और ई-संसाधनों को सुलभ बनाने का प्रयास करेंगी । संस्थानों के पास अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए एक योजना तैयार होनी चाहिए जो अंतर्राष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंध या वीजा समस्याओं के कारण कोर्स में शामिल नहीं हो सके हैं। ऐसे छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षण की पूर्ण व्यवस्था की जानी चाहिए। सुरक्षा और स्वास्थ्य नियमों का सख्ती से पालन करते हुए केवल सीमित संख्या में हॉस्टल खोले जा सकते हैं। हालांकि, हॉस्टल में कमरों में एक से ज्यादा छात्र के रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। कोविड-19 के लक्षण वाले छात्रों को किसी भी परिस्थिति में छात्रावास में रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। किसी भी शैक्षणिक परिसर को फिर से खोलने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि संबंधित केंद्र या राज्य सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों को खोलने के लिए उस क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किया है या नहीं। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 के मद्देनजर सुरक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित जारी किए गए दिशानिर्देश और आदेश का उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा पूरी तरह से अनुपालन होना चाहिए। हिन्दुस्थान समाचार/सुशील-hindusthansamachar.in