राहुल बोले- रक्षामंत्री के बयान से साफ है कि प्रधानमंत्री ने चीनी अतिक्रमण पर देश को गुमराह किया
राहुल बोले- रक्षामंत्री के बयान से साफ है कि प्रधानमंत्री ने चीनी अतिक्रमण पर देश को गुमराह किया
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राहुल बोले- रक्षामंत्री के बयान से साफ है कि प्रधानमंत्री ने चीनी अतिक्रमण पर देश को गुमराह किया

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नई दिल्ली, 15 सितम्बर (हि.स.)। चीन के साथ सीमा विवाद के मुद्दे पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह द्वारा संसद में दिए बयान के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि रक्षामंत्री के बयान से साफ है कि प्रधानमंत्री ने चीनी अतिक्रमण के मसले पर देश को गुमराह किया। संसद में राजनाथ सिंह के स्वत:स्फूर्त बयान के बाद राहुल गांधी ने मंगलवार शाम ट्वीट कर कहा कि “रक्षामंत्री के बयान से साफ है कि मोदी जी ने देश को चीनी अतिक्रमण पर गुमराह किया। हमारा देश हमेशा से भारतीय सेना के साथ खड़ा था, है और रहेगा। लेकिन मोदी जी, आप कब चीन के खिलाफ खड़े होंगे? चीन से हमारे देश की ज़मीन कब वापस लेंगे? चीन का नाम लेने से डरो मत।” कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने भी लद्दाख के पूर्वी क्षेत्र में चीन की सेना के साथ गतिरोध पर हकीकत छुपाने को लेकर सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, ‘राजनाथ जी, देश सेना के साथ एकजुट है। पर ये बताएं कि चीन ने हमारी सरजमीं पर कब्जे का दुस्साहस कैसे किया? मोदी जी ने चीन द्वारा हमारे क्षेत्र में घुसपैठ न करने बारे गुमराह क्यों किया? चीन को हमारी सरजमीं से वापस कब खदेड़ेंगे? आखिर प्रधानमंत्री चीन को लाल आंख कब दिखाएंगे? इससे पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में चीन के साथ सीमा विवाद पर स्वत:स्फूर्त बयान में कहा कि लद्दाख के पूर्वी क्षेत्र में हम चुनौती का सामना कर रहे हैं लेकिन हमारे सशस्त्र बल देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए डटकर खड़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस सदन को प्रस्ताव पारित करना चाहिए कि यह सदन और सारा देश सशस्त्र बलों के साथ है, जो देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए डटकर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि भारत, चीन के साथ सीमा पर गतिरोध को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने को प्रतिबद्ध है। भारत ने चीन को अवगत कराया है कि भारत-चीन सीमा को जबरन बदलने का प्रयास अस्वीकार्य है। हालांकि इस दौरान रक्षामंत्री ने यह भी माना कि चीन ने लद्दाख में भारत की लगभग 38 हजार वर्ग किमी भूमि पर अनधिकृत कब्जा किया है। उन्होंने सदन को यह भी बताया कि 1963 में तथाकथित सीमा-समझौते के तहत पाकिस्तान ने पीओके की 5180 वर्ग किमी भारतीय भूमि को अवैध रूप से चीन को सौंप दी है। हिन्दुस्थान समाचार/आकाश/सुनीत-hindusthansamachar.in