राहुल का सरकार पर तंज, ‘कृषि मंडी हटी, देश की खाद्य सुरक्षा मिटी’
राहुल का सरकार पर तंज, ‘कृषि मंडी हटी, देश की खाद्य सुरक्षा मिटी’
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राहुल का सरकार पर तंज, ‘कृषि मंडी हटी, देश की खाद्य सुरक्षा मिटी’

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नई दिल्ली, 17 सितम्बर (हि.स.)। किसानों को उनकी मेहनत और उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के मकसद से केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि संबंधी तीन विधेयकों पर विपक्ष खासा आक्रामक है। कांग्रेस एवं अन्य दलों ने सीधे तौर पर इन विधेयकों को बड़ी कंपनियों द्वारा शोषण बढ़ाने का मुख्य कारक बताया है। इस क्रम में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इन विधेयकों को जमींदारी प्रथा का नया रूप बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार कृषि मंडी को हटाकर देश की खाद्य सुरक्षा को भी मिटाना चाहती है। राहुल गांधी ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि “मोदी जी ने किसानों की आय दुगनी करने का वादा किया था। लेकिन मोदी सरकार के ‘काले’ क़ानून किसान-खेतिहर मज़दूर का आर्थिक शोषण करने के लिए बनाए जा रहे हैं। ये 'ज़मींदारी' का नया रूप है और मोदी जी के कुछ ‘मित्र’ नए भारत के ‘ज़मींदार’ होंगे।” अपने ट्वीट के आखिर में राहुल ने तंज कसते हुए कहा कि कृषि मंडी हटी, मतलब देश की खाद्य सुरक्षा भी मिटी। उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा लाए गए तीन विधेयक ‘कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020’, ‘कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता’ और ‘कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020’ को लेकर विपक्ष लगातार हमला बोले हुए हैं। विपक्षी पार्टी मुख्यत: कांग्रेस का कहना है कि सरकार की यह सारी कोशिश अपने बड़े कंपनी वाले मित्रों की मदद करने की है। वह नहीं चाहते कि किसानों और खेतीहर मजदूर सन्पन्नता से साथ जीवन जी सके। कांग्रेस ने मंडी व्यवस्था खत्म करने को कृषि जीवन का आधार खत्म करना बताया है। हिन्दुस्थान समाचार/आकाश-hindusthansamachar.in