राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लाए गए बड़े सुधार, लाखों जिंदगियों में होगा बदलाव: पीएम मोदी
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लाए गए बड़े सुधार, लाखों जिंदगियों में होगा बदलाव: पीएम मोदी
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लाए गए बड़े सुधार, लाखों जिंदगियों में होगा बदलाव: पीएम मोदी

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नई शिक्षा नीति को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को मंजूरी दे दी. जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से अटके और बहुप्रतीक्षित सुधार करार देते हुए कहा कि यह आने वाले समय में लाखों जिंदगियों में बदलाव लाएगी. पीएम मोदी ने कहा कि ज्ञान के इस युग में जहां शिक्षा, शोध और नवाचार महत्वपूर्ण हैं, ये नयी शिक्षा नीति भारत को शिक्षा के जीवंत केंद्र के रूप में परिवर्तित करेगी. ट्वीट्स की सीरीज में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नई शिक्षा नीति समान पहुंच, निष्पक्षता, गुणवत्ता, समावेशी और जवाबदेही के स्तंभों पर आधारित है. पीएम मोदी ने नई शिक्षा नीति का स्वागत करते हुए कहा, “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मिली मंजूरी का मैं पूरे मन से स्वागत करता हूं. यह शिक्षा क्षेत्र में लंबे समय से अटका हुआ और बहुप्रतीक्षित सुधार है जो आने वाले समय में लाखों जिंदगियों में बदलाव लाएगी.” सहभागी शासन का ज्वलंत उदाहरण पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि शिक्षा देश को उज्जवल भविष्य देगी और इसी के चलते देश समृद्धि की ओर जाएगा. नई शिक्षा नीति में स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक कई बड़े बदलाव किए गए हैं. इसमें (लॉ और मेडिकल शिक्षा को छोड़कर) उच्च शिक्षा के लिए सिंगल रेगुलेटर रहेगा. इसके अलावा उच्च शिक्षा में 2035 तक 50 फीसदी ग्रॉस एनरोलमेंट रेट पहुंचने का लक्ष्य है. प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षा नीति को मंंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए लाए जाने के पहले की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को सहभागी शासन के ज्वलंत उदाहरण के रूप में याद किया जाएगा. इसी के साथ उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को तैयार करने के जिन लोगों ने कड़ी मेहनत की उनका भी धन्यवाद किया. एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना का सम्मान पीएम मोदी ने बताया कि स्कॉलरशिप की उपलब्धता के दायरे को बढ़ाने, खुली और दूरस्थ शिक्षा के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने, ऑनलाइन शिक्षा और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने जैसे पहलुओं का नई शिक्षा नीति में बहुत ध्यान रखा गया है. उन्होंने इसे शिक्षा के क्षेत्र के लिए ये महत्वपूर्ण सुधार करार दिया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना का सम्मान करते हुए नई शिक्षा नीति में संस्कृत सहित अन्य भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने की व्यवस्था को भी शामिल किया गया है. उन्होंने कहा, “माध्यमिक स्तर पर कई विदेशी भाषाओं को भी एक विकल्प के रूप में चुना जा सकेगा. पीएम मोदी ने बताया कि भारतीय साइन लैंग्वेज (ISL) को देश भर में स्टैंड्राइज्ड किया जाएगा.-newsindialive.in