राष्ट्रपति से मिला विपक्षी दलों का प्रतिनिधिमंडल, दिल्ली दंगे की जांच में हस्तक्षेप की मांग
राष्ट्रपति से मिला विपक्षी दलों का प्रतिनिधिमंडल, दिल्ली दंगे की जांच में हस्तक्षेप की मांग
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राष्ट्रपति से मिला विपक्षी दलों का प्रतिनिधिमंडल, दिल्ली दंगे की जांच में हस्तक्षेप की मांग

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नई दिल्ली, 17 सितम्बर (हि.स.)(अपडेट)। इस साल फरवरी माह में दिल्ली दंगों और उसकी जांच में पुलिस की भूमिका को लेकर विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। गुरुवार को विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन में कोविंद से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस नेता अहमद पटेल, सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी, सीपीआई नेता डी. राजा, डीएमके नेता कनिमोझी और आरजेडी सांसद मनोज झा शामिल रहे। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि इस साल फरवरी माह में दिल्ली में हुए दंगे को लेकर जो चार्जशीट पेश की गई है उसे देखकर लगता है कि कोई गहरी साजिश है। जिन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के बारे में लोगों को जागरूक करने की कोशिश की उन्हीं का नाम चार्जशीट में डाल दिया गया है। जबकि जिनके खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए थी उनको प्रोटेक्शन दिया गया। इस साजिश को समझते हुए ही आज राष्ट्रपति से मुलाकात कर हमने जांच के तरीके को देखने के लिए ज्ञापन देकर मांग की है कि अभी जो जांच हो रही है, उसकी भी पड़ताल होनी चहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस बात की भी इंक्वायरी होनी चाहिए कि कहीं दिल्ली पुलिस किसी की दी हुई लाइन पर तो नहीं चल रही। क्योंकि अगर ऐसा रहा तो इससे दंगा भड़काने वालों को बढ़ावा मिलेगा और समाज में शान्ति लाने और गलत के खिलाफ आवाज उठाने वाले डरे-सहमे रहेंगे। वहीं, डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि हमने दिल्ली दंगा मामले की उचित और निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के दंगों को सीएए के विरोध से जोड़ा जा रहा है। इसके आधार पर राजनेताओं, कार्यकर्ताओं, अर्थशास्त्रियों, आम जनता और छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है, जो सही नहीं है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने हाल ही में एक पूरक आरोप पत्र में दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार लोगों के बयानों का हवाला देते हुए मामले में अन्य कार्यकर्ताओं के साथ सीताराम येचुरी का नाम भी लिया था। जिसके बाद से विपक्षी खेमा लगातार दिल्ली पुलिस की जांच और चार्जशीट पर सवाल खड़े कर रही है। हिन्दुस्थान समाचार/आकाश-hindusthansamachar.in