राजस्थान : मुरझाए चेहरों पर विक्ट्री साइन के साथ लौटी मुस्कुराहट
राजस्थान : मुरझाए चेहरों पर विक्ट्री साइन के साथ लौटी मुस्कुराहट
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राजस्थान : मुरझाए चेहरों पर विक्ट्री साइन के साथ लौटी मुस्कुराहट

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जयपुर, 13 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान में उठे सियासी तूफान के बीच मुख्यमंत्री निवास पर सोमवार दोपहर हुई विधायक दल की बैठक के बाद सरकार सुरक्षित होने का दावा कर दिया गया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एआईसीसी नेताओं और समर्थित विधायकों के साथ हाथ उठाकर विक्ट्री साइन दिखाया और सन्देश दिया कि सरकार पूरी तरह से सुरक्षित है। बैठक में कांग्रेस व समर्थित विधायकों ने राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया। जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व कांग्रेस पार्टी के प्रति पूरी निष्ठा जताते हुए सरकार को अस्थिर करने के लिए भाजपा के षडयंत्रकारी मंसूबों की निंदा की गई। साथ ही, कांग्रेस सरकार व पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव लिया गया। विधायक दल की बैठक को एआईसीसी के वरिष्ठ नेताओं रणदीप सिंह सुरजेवाला, अजय माकन, केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने संबोधित किया। बैठक में 100 से भी ज़्यादा कांग्रेस विधायकों की मौजूदगी बताई गई। इससे पहले सुरजेवाला ने आत्मविश्वास के साथ प्रेस कॉन्फेस कर सरकार के सुरक्षित होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट के लिए कांग्रेस पार्टी के द्वार खुले हैं। वे अविनाश पांडे समेत किसी भी नेता से व्यक्तिगत मिलकर अपनी मांगों व समस्याओं के बारे में चर्चा कर सकते हैं। विधायक दल की बैठक के बाद सभी विधायकों को बसों से फेयर माउंट होटल भेज दिया गया। उनके साथ बस में ही गहलोत भी गए। बताया जाता है कि सभी विधायक 2 दिन तक इसी होटल में रहेंगे। विधायकों के परिजनों को उनका सामान यहां पहुंचाने के लिए कहा गया है। इस बीच, नाराज सचिन पायलट को मनाने की कोशिशें तेज हो गई। दिल्ली में उनसे पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने बातचीत की और उनका पक्ष जाना। नहीं आया कोई अधिकृत बयान सोमवार सुबह कुछ चैनल्स ने पायलट के हवाले से दावा किया कि सचिन के पास 25 से अधिक विधायक हैं, जबकि गहलोत खेमा सुबह से ही 109 विधायकों के समर्थन का दावा करता रहा। गहलोत सरकार में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि सरकार को कोई खतरा नहीं है। सरकार को 109 से ज्यादा विधायकों का समर्थन है। कांग्रेस सरकार अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा करेगी। खाचरियावास के साथ सुरजेवाला और प्रदेश प्रभारी पाण्डे ने भी सरकार के सुरक्षित होने का दावा किया। इस गहमागहमी के बीच सचिन पायलट का कोई अधिकृत बयान नहीं आया। चर्चा का विषय रहा कि पायलट प्रदेश में तीसरा मोर्चा खड़ा कर सकते है। वे कांग्रेस के एक तिहाई विधायकों के साथ नई पार्टी बना सकते हैं। जिसका नाम प्रगतिशील कांग्रेस हो सकता है। पीसीसी से पोस्टर हटाए-फिर लगाए कांग्रेस महासचिव सुरजेवाला ने पायलट से विधायक दल की बैठक में शामिल होने की अपील की थी, लेकिन पायलट खेमे की ओर से साफ कर दिया गया कि वे अपने कदम पीछे नहीं खीचेंगे। इस बीच जयपुर में कांग्रेस मुख्यालय में पायलट के पोस्टर हटा दिए गए। कुछ देर बाद दोबारा पीसीसी में पायलट के पोस्टर लगा दिए गए। आयकर छापों से बढ़ी सरगर्मी मुख्यमंत्री गहलोत के नजदीकी माने जाने वाले पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और आम्रपाली ज्वैलरी फर्म के मालिक राजीव अरोड़ा और कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ के यहां आयकर विभाग की छापामारी हुई। दोनों नेता गहलोत के बेहद करीबी हैं। वे पार्टी का चुनाव प्रबंधन और फंडिग का काम देखते हैं। इसकी गूंज विधायक दल की बैठक में भी रही। राजस्थान, दिल्ली और महाराष्ट्र में दोनों नेताओं के 24 ठिकानों पर कार्रवाई की गई। राजस्थान में सरकार गिराने की कोशिशों के बीच इस छापेमारी पर सियासत शुरु हो गई। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा गलत तरीके अपना रही है। कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से हर बार जांच एजेंसियों को आगे कर डराने की कोशिश की जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो भाजपा के अतिरिक्त संगठन हैं, अब इनमें आयकर विभाग भी शामिल हो गया है। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर/सुनीत-hindusthansamachar.in