राजदीप सरदेसाई के ट्वीट सुप्रीम कोर्ट की गरिमा गिराने लायक नहीं: केके वेणुगोपाल
राजदीप सरदेसाई के ट्वीट सुप्रीम कोर्ट की गरिमा गिराने लायक नहीं: केके वेणुगोपाल
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राजदीप सरदेसाई के ट्वीट सुप्रीम कोर्ट की गरिमा गिराने लायक नहीं: केके वेणुगोपाल

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नई दिल्ली, 17 सितम्बर (हि स.)। अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पत्रकार राजदीप सरदेसाई के ट्वीट के खिलाफ कोर्ट तकी अवमानना चलाने की सहमति नहीं दी है। केके वेणुगोपाल ने कहा कि राजदीप सरदेसाई के ट्वीट इतने गंभीर नहीं हैं कि वो आम जनता के बीच सुप्रीम कोर्ट की गरिमा को गिराए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले 70 सालों में लोकतंत्र के एक खंभे के रुप में स्थापित किया है। केके वेणुगोपाल ने कहा कि भले ही राजदीप सरदेसाई के ट्वीट्स अच्छे नहीं लगते हों लेकिन उससे संस्थान की छवि को कोई नुकसान नहीं पहुंच रहा है। दरअसल पानीपत की आस्था खुराना ने याचिका दायर कर कहा था कि राजदीप सरदेसाई ने अपने कई ट्वीट से लोगों के मन में सुप्रीम कोर्ट के प्रति अविश्वास पैदा करने की कोशिश की है। याचिकाकर्ता की ओऱ से वकील ओमप्रकाश परिहार औऱ दुष्यंत तिवारी ने कहा था कि राजदीप सरदेसाई ने प्रशांत भूषण की अवमानना मामले पर सुप्रीम कोर्ट की सजा पर जो ट्वीट किए वो कोर्ट का मान गिरानेवाले हैं। याचिकाकर्ता ने अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल को भी पत्र लिखकर राजदीप सरदेसाई के खिलाफ कोर्ट की अवमानना चलाने के लिए सहमति देने को कहा था । नियम के मुताबिक मुकदमा तभी चल सकेगा जब अटार्नी जनरल सहमति देंगे। अब ये केस सुप्रीम कोर्ट में नहीं चल पाएगा। बता दें कि पिछले 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने वर्तमान चीफ जस्टिस और चार पूर्व चीफ जस्टिस को लेकर किए गए ट्वीट के मामले पर प्रशांत भूषण पर एक रुपये का जुर्माना लगाया था। जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने जुर्माने का एक रुपया 15 सितंबर तक जमा करने का निर्देश दिया था । कोर्ट ने कहा था कि अगर 15 सितंबर तक जुर्माने की रकम जमा नहीं की जाती है तो प्रशांत भूषण को तीन महीने की कैद और तीन साल की वकालत की प्रैक्टिस पर रोक लगाई जाएगी। कोर्ट के इस आदेश पर राजदीप सरदेसाई ने ट्वीट किए थे। हिन्दुस्थान समाचार/ संजय/सुनीत-hindusthansamachar.in