मोदी ने की आबे से टेलीफोन पर बात, दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुए समझौते का किया स्वागत
मोदी ने की आबे से टेलीफोन पर बात, दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुए समझौते का किया स्वागत
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मोदी ने की आबे से टेलीफोन पर बात, दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुए समझौते का किया स्वागत

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नई दिल्ली, 10 सितम्बर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से टेलीफोन के माध्यम से बातचीत की। दोनों नेताओं ने सेनाओं के बीच आपूर्ति और सेवाओं के परस्पर प्रावधान से जुड़े अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जाने का स्वागत किया। मोदी ने जापान की नई सरकार के साथ मिलकर काम करने के अपने इरादे से उन्हें अवगत कराया और प्रधानमंत्री आबे को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने हाल ही में स्वास्थ्य कारणों के चलते पद छोड़ने का फैसला किया था। विदेश मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार दोनों नेताओं ने सेनाओं के बीच आपूर्ति और सेवाओं के परस्पर प्रावधान से जुड़े अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जाने का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने माना कि इस समझौते से रक्षा क्षेत्र में सहयोग और बढ़ेगा जिससे भारत-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और शांति को बढ़ावा मिलेगा। उल्लेखनीय है कि दोनों देशों ने भारत के सशस्त्र बलों तथा जापान के आत्मरक्षा बलों के मध्य आपूर्ति और सेवाओं के पारस्परिक प्रावधान के संबंध में एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। इस अनुबंध पर कल रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार और जापान के राजदूत सुजुकी सातोशी ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान दोनों नेताओं ने आपसी विश्वास और मित्रता की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एक दूसरे के देशों में की गई यात्रा से जुड़े अपने अनुभवों को साझा किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान शिंजो आबे का दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने में दिखाई गई प्रतिबद्धता और नेतृत्व के लिए उनका आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत-जापान की साझेदारी से प्राप्त मजबूत गति भविष्य में भी जारी रहेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री आबे को जापान की नई सरकार के साथ मिलकर काम करने के अपने इरादे से अवगत कराया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने वर्तमान में जारी सहयोग कार्यक्रमों की समीक्षा की जिसमें मुंबई से अहमदाबाद के लिए तैयार की जा रही हाई स्पीड रेल परियोजना भी शामिल रही। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि दोनों देशों के बीच सतत एवं मजबूत भागीदारी वैश्विक समुदाय को कोरोना के बाद के कालखंड में दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। दोनों नेताओं ने कोविड-19 महामारी के दौरान एक दूसरे के देशों में रह रहे अपने नागरिकों को प्रदान किए गए सहयोग के लिए प्रशंसा व्यक्त की और वे इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देशों के बीच मजबूत जनसंपर्क और संबंध बनाए रखने के लिए इस तरह के प्रयासों को जारी रखना चाहिए। हिन्दुस्थान समाचार/अनूप/सुनीत-hindusthansamachar.in