महाराष्ट्र में मानवाधिकार उल्लंघन के मामले बढ़े
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महाराष्ट्र में मानवाधिकार उल्लंघन के मामले बढ़े

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मुंबई, 17 सितंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र में पिछले एक वर्ष से मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों में तेजी आई है। महाराष्ट्र के भाजपा सांसदों ने इस तरह की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से की है। इनमें राज्य में हुई 8 मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाएं शामिल हैं। महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य विनय सहस्रबुद्धे ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के विरुद्ध कुछ भी लिखने अथवा विरोध व्यक्त करने वालों पर हमले हो रहे हैं। हाल ही में उद्धव ठाकरे के विरुद्ध कार्टून सोशल मीडिया में पोस्ट करने पर पूर्व नौसेना अधिकारी मदन शर्मा की शिवसेना कार्यकर्ताओं ने पिटाई कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपित शिवसैनिकों को गिरफ्तार किया है। इसी प्रकार 23 दिसंबर 2019 को सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के विरोध में प्रतिक्रिया व्यक्त करने पर हिरामन तिवारी पर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने हमला किया था। उस समय शिवसेना कार्यकर्ताओं ने हिरामन तिवारी का सिर भी मुंडवा दिया था। इसी तरह 26 अगस्त को महाविद्यालयों में शुल्क वृद्धि का विरोध भी शिवसैनिकों ने किया था। इससे मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ था। पालघर में दो साधुओं की निर्मम हत्या हुई थी, उस समय भी मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ था। इसी प्रकार सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद शवगृह में मानवाधिकार उल्लंघन हुआ था। उस समय रिया चक्रवर्ती को शवगृह में प्रवेश दिया गया था। हालांकि राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले को लेकर कूपर अस्पताल को नोटिस जारी किया था। राज्यसभा सदस्य विनय सहस्रबुद्धे ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश एच. एल. दत्तू को इस संबंध में पत्र सौपा है। इस पत्र में महाराष्ट्र में मानवाधिकार उल्लंघन के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई गई है। हिन्दुस्थान समाचार/ राजबहादुर-hindusthansamachar.in