मरीजों को लंबी कतार में लगने से मिलेगी मुक्ति
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मरीजों को लंबी कतार में लगने से मिलेगी मुक्ति

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- ई-संजीवनी ओपीडी के जरिये अब घर बैठे चिकित्सीय परामर्श चन्द्रपाल सिंह सेंगर फर्रुखाबाद, 27 जुलाई (हि.स.)। वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लोगों को अस्पताल के चक्कर न लगाने पड़ें, इसको ध्यान में रखते हुए घर बैठे चिकित्सीय परामर्श सेवा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा टेलीमेडिसिन (ई-संजीवनी) ओपीडी सेवा शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि अस्पतालों में भीड़ को नियंत्रित कर कोरोना के खतरे को कम किया जा सके। जन समुदाय को सुलभता और सरलता से परामर्श सेवाएं प्राप्त हो सकें। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. मिथिलेश चतुर्वेदी की तरफ से सभी सीएमओ को जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि टेलीमेडिसिन (ई-संजीवनी) के माध्यम से ओपीडी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जनपद स्तरीय चिकित्सालय, सामुदायिक केंद्र व शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात ऐसे चिकित्सकों को नामित किया जाएगा जो समय प्रदान कर सकें। उनके पास कंप्यूटर की सुविधा हो। मरीज व तीमारदार स्मार्टफोन से इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। सीएमओ डाक्टर बंदना सिंह ने बताया कि जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है उनके लिए उपकेंद्र स्तरीय हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर पर कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर व एएनएम के द्वारा टेबलेट का उपयोग कर ई-संजीवनी की सुविधा प्रदान की जाएगी। डॉ. वंदना सिंह ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण के कारण जरूरतमंद लोग व मरीज अस्पताल जाने से कतरा रहे हैं। ऐसे में सरकार द्वारा तैयार किए गए ई-संजीवनी एप्लीकेशन के जरिए ओपीडी सेवा प्रदान करने का फैसला लिया गया है। इस एप के माध्यम से मरीज चिकित्सकों से परामर्श ले सकते हैं। डीसीपीएम रणविजय प्रताप सिंह ने बताया कि वेब पोर्टल पर जाकर संजीवनी डॉट इन टाइप करना है। इसके बाद रजिस्ट्रेशन पर क्लिक किया जाएगा। जहां मरीज को अपनी जानकारी और मोबाइल नंबर एंटर करने होंगे। मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा जिसे सुरक्षित करना होगा। इसके बाद वेब पोर्टल पर ही संजीवनी वेबसाइट पर मरीज अपने मोबाइल नंबर और पासवर्ड में उसे मिले टोकन नंबर को डालकर लॉग इन करेगा तत्पश्चात उसे डॉक्टर से परामर्श लेना है। इस प्रक्रिया को कोई भी कर सकता है। हिन्दुस्थान समाचार-hindusthansamachar.in