मरकज के आवासीय हिस्से की चाभी नहीं मिलेगी मौलाना साद के परिवार को
मरकज के आवासीय हिस्से की चाभी नहीं मिलेगी मौलाना साद के परिवार को
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मरकज के आवासीय हिस्से की चाभी नहीं मिलेगी मौलाना साद के परिवार को

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नई दिल्ली, 17 सितम्बर (हि.स.)। दिल्ली की साकेत कोर्ट के सेशंस कोर्ट ने निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज के आवासीय हिस्से की चाभी मौलाना साद के परिवार को सौंपने के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के आदेश पर रोक लगा दी है। एडिशनल सेशंस जज संदीप यादव ने 8 अक्टूबर तक इस आदेश पर रोक लगाने का आदेश दिया। दिल्ली पुलिस की ओर से वकील अतुल कुमार श्रीवास्तव ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की। बता दें कि पिछले 11 सितंबर को चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहिना कौर ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया था कि वो मरकज के आवासीय हिस्से की चाभी मौलाना साद के परिवार को पांच दिनों के अंदर सौंप दें। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने मौलाना साद की मां खालिदा को इस बात की अंडरटेकिंग देने का निर्देश दिया था कि वो जांच में बाधा खड़ी नहीं करेंगे और आवासीय परिसर का इस्तेमाल केवल रहने के लिए किया जाएगा। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने मौलाना साद की मां को निर्देश दिया था कि उनका परिवार मरकज के किसी दूसरे हिस्से में प्रवेश नहीं करेगी। कोर्ट ने कहा कि संविधान की धारा 21 के तहत हर किसी को अपने आवासीय संपत्ति पर पहुंच का अधिकार है। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने कहा था कि ये कोर्ट संपत्ति के स्वामित्व का फैसला नहीं करने का उचित फोरम नहीं है और याचिकाकर्ता केवल ताला खोलने की मांग कर सकते हैं। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने कहा था कि किसी भी एजेंसी ने अपने जवाब में ये नहीं कहा है कि आवासीय हिस्सा क्राईम सीन का हिस्सा है। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने कहा था कि वह जांच एजेंसियों को अगले पांच दिनों के अंदर एक या दो बार आवासीय परिसर की छानबीन करने का मौका दे सकती है। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने इस बात को नोट किया कि मरकज का सैनिटाइजेशन करने के बाद एसडीएम के निर्देश से पूरे परिसर में ताला लगा दिया गया था और चाभी पुलिस को सौंप दी गई थी ताकि वे जरुरत पड़ने पर जांच कर सकें। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा था कि मरकज का पूरा परिसर सील नहीं किया गया है। लेकिन जिस आवासीय परिसर को खोलने की इजाजत मांगी जा रही है उसे क्राईम सीन के संरक्षण के लिए बंद किया गया था। उन्होंने कहा था कि इस मामले में जांच अभी जारी है। सुनवाई के दौरान मौलाना साद की मां की ओर से कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारियों ने इस बात को स्वीकार किया कि आवासीय परिसर की चाभी दिल्ली पुलिस के पास पिछले छह महीने से है और उन्हें आवासीय परिसर का इस्तेमाल करने से रोका जा रहा है। इस मामले में पिछले 31 मार्च को एफआईआर दर्ज किया गया था और उसके बाद पूरा परिसर खाली करा दिया गया था ताकि सैनिटाइजेशन किया जा सके। परिसर का आवासीय परिसर चार मंजिला है और पूरा परिसर दो हिस्सों में बंटा है जिसके एक हिस्से में मौलाना साद का पूरा परिवार रहता है। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/सुनीत-hindusthansamachar.in