मणिपुर में उग्रवादी हमले के बाद शुरू हुआ जोरदार तलाशी अभियान
मणिपुर में उग्रवादी हमले के बाद शुरू हुआ जोरदार तलाशी अभियान
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मणिपुर में उग्रवादी हमले के बाद शुरू हुआ जोरदार तलाशी अभियान

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- शहीद होने वाले तीनों जवान असम, मणिपुर व नगालैंड के रहने वाले गुवाहाटी, 30 जुलाई (हि.स.)। मणिपुर के चंदेल जिला के भारत-म्यांमार सीमा पर घात लगाकर पीएलए उग्रवादियों द्वारा किए गए हमले में शहीद तीनों जवानों में एक असम, एक नगालैंड और मणिपुर के रहने वाले बताए गए हैं। तीन वर्षों में हुए इस सबसे बड़े हमले के बाद पूरे इलाके में सेना व सुरक्षा बलों के साथ ही पुलिस ने भी जोरदार तलाशी अभियान आरंभ किया है। चंदेल जिला के साजिक्ताम्पाक में बुधवार की रात 08.30 बजे के आसपास चौथी असम रायफल के कैंप पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने घात लगाकर एक शक्तिशाली आईईडी विस्फोट करने के बाद अंधाधुंध गोलीबारी की थी। अंधेरे का फायदा उठाते हुए उग्रवादी पास के पहाड़ों में फरार हो गए। हमले में 03 जवान शहीद हो गए जबकि, 05 जवान घायल हो गए। सभी घायलों को पश्चिम इंफाल स्थित सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शहीद जवानों में एक हवलदार प्रणय कलिता असम के बरपेटा जिलांतर्गत पाठशाला थाना क्षेत्र के घटबर-हालगिरी घाट के रहने वाले बताए गए हैं। शहीद जवान पने पीछे पत्नी, 07 वर्ष और डेढ़ वर्ष की बच्चियों को छोड़ गए हैं। असम रायफल के अधिकारियों ने परिवार से संपर्क कर इस संबंध में सूचना दी है। शहीद रतन सलाम मणिपुर के रहने वाले थे, जबकि मैथना कोन्याक नगालैंड के रहने वाले बताए गए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में सेना व सुरक्षा बलों के साथ ही पुलिस ने भी जोरदार तलाशी अभियान आरंभ किया है। सेना पर इस तरह के पिछले तीन वर्षों में सबसे बड़ा हमला बताया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/अरविंद/सुनीत-hindusthansamachar.in