बिहार में बाढ़ से डूबे 10 जिले, साढ़े छह लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
बिहार में बाढ़ से डूबे 10 जिले, साढ़े छह लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
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बिहार में बाढ़ से डूबे 10 जिले, साढ़े छह लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

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- बागमती, बूढ़ी गंडक, कमला बलान, अधवारा, महानंदा सहित कई नदियां खतरे के निशान पार - वाल्मीकिनगर बैराज से सवा तीन लाख क्यूसेक पानी गंडक में छोड़ा गया पटना, 23 जुलाई (हि.स.)। नेपाल के तराई क्षेत्र औऱ उत्तर बिहार के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश और वाल्मीकिनगर बराज से सवा तीन लाख क्यूसेक पानी गंडक में छोड़े जाने के बाद उत्तर बिहार में बाढ़ की स्थिति और विकराल हो गई है। उत्तर बिहार से होकर बहने वाली नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बिहार के 10 जिलों की करीब 6.50 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं। 18,612 लोगों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया गया है। कई जिलों के बीच सड़क संपर्क भंग हो चुका है। भोजन और पशुचारा का संकट बढ़ गया है। सैकड़ों घर ध्वस्त हो चुके हैं। इस बीच बीते 24 घंटे के दौरान डूबने से 10 लोगों की मौत हुई है। प्रदेश के 10 जिलों सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चंपारण और खगड़िया जिले के 55 प्रखंडों की 282 पंचायतों के करीब 6.50 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। वहां से सुरक्षित निकाले गए 18,612 लोग 10 राहत शिविरों में शरण लिये हुए हैं। जल संसाधन विभाग के मुताबिक बागमती नदी सीतामढी, मुजफ्फरपुर और दरभंगा, बूढी गंडक मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर, कमला बलान मधुबनी, लालबकिया पूर्वी चंपारण, अधवारा सीतामढी, खिरोई दरभंगा और महानंदा किशनगंज और पूर्णिया जिले में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जल संसाधन मंत्री संजय झा ने कहा कि जुलाई में भारी बारिश के बावजूद सभी तटबंध सुरक्षित हैं। तकनीक के उपयोग और विभाग की अतिरिक्त सतर्कता के कारण तटबंध पर उत्पन्न खतरों को समय रहते टाला जा सका है। मोतिहारी में बंजरिया में तिलावे नदी का बांध व सुगौली में रिंग बांध टूटने से अफरातफरी की स्थिति बनी हुई है। दरभंगा में कमला जीवछ का पानी शहरी क्षेत्र पर दबाव बनाने लगा है। इसके अलावा 26 पंचायत बाढ़ की चपेट में आ गईं हैं। यहां बागमती का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर हो गया है। सीतामढ़ी में बाजपट्टी एनएच 104 व एनएच 57 पर भी बाढ़ का पानी चढ़ा हुआ है। यहां भी सभी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बिहार में बाढ़ के खतरे के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 21 टीमों को राज्य के विभिन्न संवेदनशील जिलों में तैनात किया गया है। एनडीआरएफ की 9वीं बटालियन के कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की मांग पर एनडीआरएफ की 21 टीमों को प्रदेश के 12 जिलों में तैनात किया गया है। तटबंधों के निकट अभियंताओं की टीम बनाकर होमगार्डों की तैनाती की गई और उनकी तरफ से लगातार तटबंधों की पेट्रोलिंग की जा रही है। सामुदायिक किचेन के माध्यम से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोगों को भोजन कराया जा रहा है। बाढ़ के पानी में डूबने से 10 की मौत बिहार में बीते 24 घंटे के दौरान डूबने से 10 लोगों की मौत होचुकी है। सुपौल में एक किसान सहित पश्चिम चंपारण में तीन, शिवहर और सीतामढ़ी में दो-दो और मधुबनी व बेगूसराय में एक-एक व्यक्ति की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई है। पश्चिम चंपारण वाल्मिकी टाइगर रिजर्व में घुसा पानी पश्चिम चंपारण में वाल्मिकी टाइगर रिजर्व का बड़ा हिस्सा जलमग्न है। नौतन, बैरिया और योगापट्टी दियारे के 500 परिवार पलायन कर चुके हैं। एनडीआरएफ की टीम लोगों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचा रही है। बैरिया में बैजुआ दियारा से लोग सामान लेकर ऊंचे स्थान पर जा रहे हैं। योगापट्टी प्रखंड के मधंतापुर गांव को प्रशासन ने खाली करा लिया है। पश्चिम चंपारण में चंपारण तटबंध पर नौतन दियारा के बाढ़ पीड़ितों ने शरण ली है। मुजफ्फरपुर के पांच प्रखंडों में घुसा पानी पिछले दो दिनों की बारिश और बराज से काफी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद मुजफ्फरपुर की पांचों प्रमुख नदियां खतरे के निशान को पार कर गई हैं। गंडक नदी जहां पारू और साहेबगंज में तबाही मचाने लगी है, वहीं बागमती, लखनदेई और मनुषमारा औराई, कटरा और गायघाट में तबाही मचाने लगी है। पांचों प्रखंड में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है और बड़ी संख्या में निचले इलाके के लोगों को बांध और एनएच पर शरण लेनी पड़ी है। बूढ़ी गंडक में उफान से मुजफ्फरपुर शहर के तटवर्ती हिस्सों में कई मोहल्ले बाढ़ के पानी से घिरे हैं। गोपालगंजः रिंग बांध से रिसावए सारण तटबंध पर दबाव गोपालगंज में गंडक खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। दियारा के निचले इलाके के 52 गांवों में बाढ़ की स्थिति बिगड़ गई है। जलस्तर बढ़ने से रिंग बांध तथा सारण तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। पानी के दबाव से बरौली प्रखंड के देवापुर चौबे टोला के समीपए सिकटिया तथा परसौनी गांव के समीप रिंग बांध से पानी का रिसाव शुरू हो गया है। परसौनी के समीप रिंग बांध में तेज रिसाव से बांध के ध्वस्त होने की आशंका से ग्रामीण गांव छोड़कर पलायन करने लगे है। मधुबनी में हजारों एकड़ फसल डूबी, गांवों में लोग जागकर गुजार रहे रात मधुबनी जिले के जयनगर में कमला नदी के जल स्तर में वृद्धि हुई है। हजारों एकड़ में लगी फसल पानी में डूब गई है। पशुपालकों को पशु के चारा के लिए भारी परेशानीयो का सामना करना पड़ रहा है। तटबंध के आसपास के गावों में रह रहे लोग दहशत में है। बेलही, इस्लामपुर, खैरामाठ, ब्रह्मोतर, डोडवार, कोरहिया सहित कई गांवों में पानी के दबाव बढ़ने पर लोग रात भर जग कर गुजार रहे हैं। डोडवार गांव की मुख्य सड़क पर बाढ़ का पानी आ जाने से गांव का संपर्क प्रखंड मुख्यालय में टूट गया है। सीतामढ़ीः बागमती और अधवारा समूह की नदियां लाल निशान के ऊपर सीतामढ़ी जिले में अब बाढ़ से स्थिति गंभीर बनती जा रही है। बुधवार की देर रात से कई नदियों के जलस्तर मे भारी वृद्धि हुई है जिसके कारण कई नए इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। बागमती और अधवारा समूह की नदियों के जलस्तर मे लगातार वृद्धि हो रही है और सभी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई प्रखंडों को बाढ़ के पानी ने अपनी चपेट मे ले लिया है। रीगा, बाजपट्टी, सुरसंड और परिहार में बाढ़ से हालात अब हालात खराब होते जा रहे हैं। सीतामढ़ी-पुपरी सड़क पर तीन से चार फीट पानी का तेज बहाव जारी है तो वहीं रीगा-सुप्पी प्रखंड के बीच बखरी लटका पर भी पानी का तेज बहाव हो रहा है। पूर्वी चंपारणः सिकरहना और तिलावे के रिंग बांध टूटे पूर्वी चंपारण में सिकरहना और तिलावे नदी के रिंग बांध टूटने से सुगौली और बंजरिया प्रखंडों के गांवों में पानी फैल गया है। रक्सौल के आदपुर प्रखंड के बखरी व कोरैया पंचायतों को जोड़ने वाली पुलिया बाढ़ में ध्वस्त हो गई है। आदपुर प्रखंड के झिटकहिया गांव स्थित विद्यालयए पंचायत भवन व आंगनबाड़ी केन्द्र में बाढ़ का पानी घुस गया है। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव /विभाकर/सुनीत-hindusthansamachar.in