प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को कोसी रेल महासेतु सहित बिहार को देंगे कई सौगात
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को कोसी रेल महासेतु सहित बिहार को देंगे कई सौगात
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प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को कोसी रेल महासेतु सहित बिहार को देंगे कई सौगात

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नई दिल्ली, 17 सितम्बर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा कोसी रेल महासेतु सहित यात्री सुविधा से जुड़ी 12 रेल परियोजनाओं को बिहार की जनता को समर्पित करेंगे। इसमें किउल नदी पर नया रेलपुल, दो नई लाइन परियोजना, पांच विद्युतीकरण परियोजना, एक इलेक्ट्रिक लोको शेड एवं एक तीसरी रेल लाइन परियोजना शामिल है। इस अवसर पर फागू चौहान, राज्यपाल, बिहार, नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार, पीयूष गोयल, रेल, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, राम विलास पासवान, उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री, रविशंकर प्रसाद, कानून एवं न्याय, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, गिरिराज सिंह, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री, सुशील कुमार मोदी उप मुख्यमंत्री, बिहार, नित्यानंद राय, गृह राज्य मंत्री, देबाश्री चौधरी, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री, बिजेन्द्र प्रसाद यादव, ऊर्जा तथा मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री, बिहार, विनोद कुमार सिंह, पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री, बिहार, गौतम देव, माननीय पर्यटन मंत्री, पश्चिम बंगाल सहित अन्य गणमान्य वेब से जुड़ेंगे । रेल मंत्रालय के अनुसार, 1887 में ब्रिटिश काल के दौरान निर्मली और भपटियाही के बीच कोसी की सहायक तिलयुगा नदी पर लगभग 250 फुट लंबा मीटरगेज रेलपुल का निर्माण किया गया था। परंतु 1934 में आई भारी बाढ और विशकारी भूकंप में यह मीटरगेज रेलपल ध्वस्त हो गया। इसके बाद वर्ष 2003-04 में कोसी महासेतु नई रेल लाइन परियोजना को मंजूरी प्रदान की गई। कोसी रेल महासेतु की कुल लंबाई 1.9 किलोमीटर है जिसके निर्माण पर कुल 516 करोड़ की लागत आई है। भारत-नेपाल सीमा के लिए सामरिक दृष्किोण से भी यह रेल महासेतु काफी महत्वपूर्ण है। इस परियोजना को कोविड महामारी के दौरान ही अंतिम रूप दिया गया जिसमें प्रवासी श्रमिकों की भी सेवा ली गई। इस प्रकार बिहार राज्य विशेषकर कोसी क्षेत्र के लोगों का 86 वर्ष पुराना सपना अब साकार होने जा रहा है। प्रधानमंत्री ऐतिहासिक और चिर-प्रतीक्षित कोसी रेल महासेतु राष्ट्र को समर्पित करने के साथ ही सहरसा-आसनपुर कुपहा डेमू ट्रेन का सुपौल स्टेशन से शुभारंभ करेंगे। परिचालन प्रारंभ हो जाने के बाद सुपौल, अररिया और सहरसा जिले के लोगों को काफी लाभ होगा। साथ ही इस क्षेत्र के लोगों के लिए कोलकाता, दिल्ली और मुंबई तक की लंबी दूरी की ट्रेनों से यात्रा करना काफी सुविधाजनक हो जाएगा। सहरसा-सरायगढ़-आसनपुर कुपहा रेलखंड की कुल लंबाई 64 किलोमीटर है जिसमें सहरसा से सुपौल (26 किमी) तक ट्रेनों का परिचालन जारी है। अब कोसी रेल महासेतु बन जाने के बाद सुपौल से आसनपुर कुपहा तक ट्रेन परिचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री हाजीपुर-घोसवर-वैशाली (450 करोड़) तथा इसलामपुर-नटेसर (409 करोड़) नई रेल लाइन परियोजना एवं करनौती-बख्तियारपुर लिंक बाईपास तथा बख्तियारपुर-बाढ़ के बीच तीसरी लाईन परियोजना (240 करोड़) को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। साथ ही मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी (65 करोड़), कटिहार-न्यू जलपाईगुड़ी (505 करोड़), समस्तीपुर-दरभंगा-जयनगर (390 करोड़), समस्तीपुर-खगड़िया (120 करोड़), भागलपुर-शिवनारायणपुर (75 करोड़) विद्युतीकृत रेलखंड को राष्ट्र को समर्पण एवं इसपर विद्युत इंजन से ट्रेनों के परिचालन का शुभारंभ किया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/सुशील/सुनीत-hindusthansamachar.in