पीएसीएल घोटाला: पर्ल्स ग्रुप के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर निर्मल सिंह भंगू को मिली जमानत
पीएसीएल घोटाला: पर्ल्स ग्रुप के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर निर्मल सिंह भंगू को मिली जमानत
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पीएसीएल घोटाला: पर्ल्स ग्रुप के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर निर्मल सिंह भंगू को मिली जमानत

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नई दिल्ली, 07 सितम्बर (हि.स.)। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले के आरोपी पर्ल्स ग्रुप के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर निर्मल सिंह भंगू समेत पांच आरोपियों को जमानत दे दी है। सीबीआई के स्पेशल जज दिग्विनय सिंह ने सभी आरोपियों को एक-एक लाख रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। ईडी के मुताबिक पर्ल्स गोल्डन फॉरेस्ट लिमिटेड (पीजीएफ) औऱ पर्ल एग्रोटेक कारपोरेशन लिमिटेड नामक कंपनी के जरिये पूरे देश में लोगों से कृषि भूमि बेचने और उसे विकसित करने के नाम पर आरोपियों ने 48 हजार करोड़ रुपये वसूले। लोगों से वसूली गई इस रकम का कई कंपनियों के जरिये ऑस्ट्रेलिया भेज दिया गया। निर्मल सिंह भंगू पीजीएफ का मैनेजिंग डायरेक्टर था। उसने 1996 में पीएसीएल नामक एक और कंपनी बनाई। सीबीआई ने 19 फरवरी 2014 को भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी और धारा 420 के तहत केस दर्ज किया था। सीबीआई की ओर से केस दर्ज करनेके बाद ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत पांच आरोपियों और दो कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। जिन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था उनमें निर्मल सिंह भंगू, कंवलजीत सिंह तूर, मोहन लाल सहजपाल, गुरमीत सिंह और सर्वेश कुमार के अलावा पीजीएफ और पीएसीएल कंपनियां शामिल हैं। सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट पर कोर्ट ने 2018 में संज्ञान लिया था। पांचो आरोपियों की जमानत का ईडी ने विरोध करते हुए कहा था कि इस मामले में अभी जांच चल रही है। कोर्ट ने पांचो आरोपियों को जमानत देते हुए कहा कि इस मामले में ईडी ने जांच के दौरान किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया था। यहां तक कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बिना ही चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि जांच के लिए दूसरे देश से जानकारी मांग जा रही है जिसमें काफी समय लग सकता है। कोर्ट ने कहा कि सभी साक्ष्य दस्तावेजी हैं और वो ईडी के कब्जे में हैं, ऐसे में आरोपियों को हिरासत में रखने का कोई मतलब नहीं है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को पासपोर्ट सरेंडर करने औऱ बिना अनुमति के देश से बाहर नहीं जाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को जांच में सहयोग करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करने और गवाहों को प्रभावित करने की कोई कोशिश नहीं करने का निर्देश दिया। हिन्दुस्थान समाचार/ संजय/सुनीत-hindusthansamachar.in