पिछली सरकारों में सरकारी नौकरियों के रेट थे फिक्स : विधायक शैलेश सिंह शैलू
पिछली सरकारों में सरकारी नौकरियों के रेट थे फिक्स : विधायक शैलेश सिंह शैलू
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पिछली सरकारों में सरकारी नौकरियों के रेट थे फिक्स : विधायक शैलेश सिंह शैलू

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बलरामपुर, 12 सितम्बर(हि.स.)। पूर्व की सरकारों में भाई-भतीजावाद जातिवाद-परिवारवाद का बोलबाला था। सरकारी नौकरियों के रेट फिक्स थे। पार्टी के कार्यकर्ता इसको लेकर वसूली करते थे, लेकिन प्रदेश में योगी सरकार बनते ही इस पर रोक लग गई। किसी भी सरकारी नौकरी में कहीं से किसी से भी ऐसी बात नहीं आयी। इस सरकार में ऐसा सोच ही नहीं सकते। योगी सरकार में पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियों में लगातार भर्तियां हो रहीं। दावा करते हुए कहा कि यदि कहीं से भी नौकरियों में लेन-देन की बात सुनाई पड़ी तो मैं राजनीति से सन्यास ले लूंगा। उक्त बातें जनपद बलरामपुर के विधानसभा गैसड़ी के भाजपा विधायक शैलेश सिंह शैलू ने बलरामपुर के हिन्दुस्थान समाचार प्रतिनिधि प्रभाकर कसौधन से विशेष बातचीत के दौरान कही। बातचीत के शेष अंश... सवाल- साढ़े तीन साल में क्षेत्र के विकास के लिए क्या किया? कुछ बड़ी परियोजनाओं के नाम बताएं जो जमीन पर दिख रही हो। जवाब- विधानसभा क्षेत्र में तुलसीपुर से कोयलाबास, उतरौला से चंदनपुर, गौरा से तुलसीपुर, बेल्हा मोड़ से बिस्कोहर सड़क मार्ग का चौड़ीकरण सहित दो सौ करोड़ की लागत से ग्रामस्तर तक की सड़कों का मरम्मत कराया गया है। विद्युत समस्याओं से निजात दिलाने के लिए दो विद्युत उपकेंद्र मनकौरा तथा पचपेड़वा में स्थापित कराया गया है। इमलिया कोडर में मिनी स्टेडियम, थारू संग्रहालय, छात्रावास का निर्माण कराया गया है। 222 मजरो में विद्युतीकरण, 24700 लोगों को निशुल्क गैस कनेक्शन, आठ हजार परिवारों को प्रधानमंत्री आवास, सात हजार लोगों को किसान सम्मान निधि, 32 हजार लोगों को आयुष्मान कार्ड तथा दस ग्रामों को सोलर से लैस कराया गया है। इसके अलावा भगवानपुर,चौहत्तर, मधवानगर खादर में पुलिया का निर्माण कराया गया। सवाल- डेढ़ साल बाद आगामी विधानसभा चुनाव है किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएंगे, स्वयं के उपलब्धियों को लेकर या पार्टी की। जवाब- 'सबका साथ सबके विश्वास' को लेकर सभी को बिना भेदभाव के लाभान्वित करने का काम किया है इन्हीं कार्यों तथा पार्टी की नीतियों को लेकर जनता के बीच जाएंगे। सवाल- प्रदेश में आपकी पार्टी की सरकार और अन्य पार्टियों की सरकारों के बीच मूलभूत अंतर क्या है? जवाब- पिछली पार्टियों की सरकारों में जातिवाद, भाई-भतीजावाद व परिवारवाद का बोलबाला था। सरकारी नौकरियां बिना रुपए के हासिल नहीं होती थी। पार्टी के नेता, कार्यकर्ता इसको लेकर वसूली करते थे। सभी जातियों के लिए अलग-अलग रेट खुले थे। हमारी भाजपा की सरकार आते ही इस पर लगाम लग गई। एक लाख 30हजार से अधिक पुलिस भर्ती, शिक्षकों की भर्ती, आठ हजार डॉक्टरों की भर्ती के अलावा अन्य कई भर्तियां पूरी ईमानदारी व पारदर्शिता के साथ हुई। कहीं लेनदेन का मामला नहीं आया। यही सबसे बड़ा अंतर है। श्री शैलू ने कहा कि इस प्रकार का मामला कहीं आया तो वह व्यक्तिगत रूप से राजनीति से संयास ले लेगें। कहा कि भाजपा की नीति रही है कि जातिवाद, क्षेत्रवाद, व्यक्तिवाद से परे हटकर आम जनमानस गरीब मजदूर, किसान, शोषित दलित पिछड़ा को बिना किसी भेदभाव को योजनाओं का लाभ दिलाना है। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को लाभान्वित करना है। समानता का दर्जा देना ही हमारी पार्टी की नीति है। सवाल-अयोध्या में शुरू हुआ राम मंदिर का निर्माण कार्य आगामी विधानसभा चुनाव को कितना प्रभावित करेगा? जवाब- भाजपा सभी धर्मों का सम्मान करती है। विश्व की सबसे प्राचीन सनातन धर्म में हमारी आस्था है। अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बनना हम सब के सौभाग्य तथा गौरव की बात है, इसके लिए प्रधानमंत्री, गृहमंत्री की दूरदर्शी नीति एवं स्पष्टवादी नियत का सराहना करते हुए उच्चतम न्यायालय के सभी न्यायाधीशों का आदरपूर्वक लिए गए निर्णय का सम्मान करता हूं। वर्षों से चली आ रही इस समस्या का समाधान किया गया। कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री योगीजी भी बधाई के पात्र हैं कि बिना किसी विवाद के न्यायालय के फैसले से शिलान्यास कार्यक्रम तक पूरे उत्तर प्रदेश में कहीं कोई विवाद नहीं हुआ, जबकि पिछली सरकारों में धार्मिक आधारों पर दंगे हुआ करते थे। साढ़े तीन वर्षो में प्रदेश में कहीं कोई सांप्रदायिक विवाद नहीं हुआ। सभी धर्मों के लोग अपना-अपना धार्मिक अनुष्ठान बिना किसी भय के करते हैं। देश में भाजपा के आने के बाद लोगों में राष्ट्रभक्ति, विदेशों में भारत का सम्मान बढ़ा है। अन्य सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भयमुक्त समाज की स्थापना हुई है। बदमाश या तो जेल में है या प्रदेश के बाहर। योगीजी के अगवाई में चारों ओर विकास हुआ है। कोरोना काल में भाजपा को छोड़ अन्य राजनीतिक पार्टियों ने सोशल मीडिया तथा मीडिया पर सिर्फ बयानबाजी करते रहे। देश और प्रदेश की जनता विपक्ष के कार्यों को भली-भांति जान गई है कि हमारा हितेषी कौन है। 2019 का चुनाव उनके लिए उदाहरण बनेगा। जातीय गठबंधन करके देख चुके हैं 65 सीट जीतने का दावा करने वाले 15 सीटों पर सिमटकर रह गए। हिन्दुस्थान समाचार/प्रभाकर कसौधन/राजेश-hindusthansamachar.in