पर्यटकों के लिए लमडिंग- सिलचर रेल खंड पर विस्ताडोम ट्रेन चलाएगी पूसीरे : जीएम
पर्यटकों के लिए लमडिंग- सिलचर रेल खंड पर विस्ताडोम ट्रेन चलाएगी पूसीरे : जीएम
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पर्यटकों के लिए लमडिंग- सिलचर रेल खंड पर विस्ताडोम ट्रेन चलाएगी पूसीरे : जीएम

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डिमा हसाउ (असम), 23 दिसम्बर (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) पर्यटकों के लिए लमडिंग- सिलचर ब्राडगेज रूट पर विस्ताडोम ट्रेन चलाने पर विचार कर रही है। पूसीरे के महाप्रबंधक (जीएम) अंशुल गुप्ता ने अपने दो दिवसीय हाफलोंग दौरे में डीआरएफ योगिंदर सिंह लाखरा के साथ मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि विस्ताडोम ट्रेन चलाने के लिए पहले ही डिमा हसाओ जिला पर्यटन विभाग को एक प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जीएम ने कहा कि अभी वहां काम चल रहा है। पूसीरे ने एक या दो कोच के साथ इंजन को जोड़कर पर्यटकों के लिए विस्ताडोम ट्रेन चलाने की योजना बनाई है। जीएम अंशुल गुप्ता ने सोमवार रात विशेष ट्रेन से कामाख्या स्टेशन से रवाना होकर, मंगलवार सुबह तड़के न्यू हफलोंग पहुंचने के बाद शताब्दी पुराने लोवर हाफलोंग स्टेशन का दौरा किया और हेरिटेज स्थल का निरीक्षण किया। अपने दौरे के दौरान जाटिंगा में मीडिया से बातचीत करते हुए जीएम गुप्ता ने कहा कि हाफलोंग आने का उनका मुख्य उद्देश्य यह देखना था कि पूसीरे प्रबंधन द्वारा डिमा हसाउ जिले में पर्यटन उद्योग को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पूसीरे ने राज्य सरकार से पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन के साथ काम करने का फैसला किया है। ताकि, डिमा हसाउ जिले के पर्यटन उद्योग को आगे बढ़ाया जा सके। जीएम ने कहा कि डिमा हसाउ में हेरिटेज के लिहाज से पर्यटन की काफ़ी संभावनाएं हैं। यदि डिमा हसाउ जिले के पर्यटन उद्योग को विकसित किया जाता है, तो स्थानीय लोगों के आर्थिक क्षेत्र का विकास होगा। उन्होंने कहा कि रेल आगे बढ़ती है तो देश भी आगे बढ़ेगा। जीएम गुप्ता ने कहा कि किसी क्षेत्र में रेलवे वास्तव में उस क्षेत्र की आर्थिक गतिविधि में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। उन्होंने कहा कि माहुर से हरंगाजाओ तक एक नई रेलवे लाइन का निर्माण करके ट्रेन चलना संभव नहीं था। जिले के विभिन्न राजनीतिक दल एवं संगठनों ने 49 किलोमीटर लंबे शताब्दी पुराने रेल मार्ग को हेरिटेज रेल मार्ग के रूप में विकसित करने की मांग की है। हालांकि, रेलवे पर्यटन विभाग के साथ मिलकर काम करेगा। ताकि, शताब्दी पुराने इस रेलवे मार्ग को विरासत के रूप में विकसित किया जा सके। डिमा हसाउ जिला में रेलयात्रियों के लिए हिल क्वीन ट्रेन चलाने के बारे में जीएम ने कहा कि मैं अभी-अभी आया हूं, बिल्कुल नया हूं। लेकिन, हमें देखना होगा कि इस संबंध में क्या प्रस्तावित किया गया था। इस संबंध में जीएम गुप्ता ने दृढ़ता के साथ कहा कि अगर राज्य सरकार और स्थानीय लोगों की मांग है, तो नार्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे निश्चित रूप से इस बारे में सोचेगा। इसके अलावा उन्होंने न्यू हाफ़्लोंग स्टेशन पर यात्री सुविधा के मुद्दे पर और माईबोंग स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज के निर्माण की मांग पर कहा कि वे माईबोंग स्टेशन पर फुट ब्रिज के निर्माण के मुद्दे पर गौर करेंगे और यदि आवश्यक हुआ तो रेलवे अधिकारी कार्यवाही करेंगे। उन्होंने न्यू हाफलोंग स्टेशन पर यात्रियों को पीने का पानी और यात्रियों के लिए अन्य सुविधाएं देने का भी वादा किया। जीएम अंशुल गुप्ता ने कहा कि रेलवे विभाग ने पर्यटन के लिए संभावित रेलवे स्टेशनों पर अन्य सुविधाओं के लिए रेल विभाग अपनी ओर से काम करेगा। हिन्दुस्थान समाचार/देबोजानी/ अरविंद-hindusthansamachar.in