पंजाब: नकली शराब से अब तक 86 की मौत, 25 लोग गिरफ्तार, पढ़ें अब तक के बड़े अपडेट्स
पंजाब: नकली शराब से अब तक 86 की मौत, 25 लोग गिरफ्तार, पढ़ें अब तक के बड़े अपडेट्स
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पंजाब: नकली शराब से अब तक 86 की मौत, 25 लोग गिरफ्तार, पढ़ें अब तक के बड़े अपडेट्स

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पंजाब (Punjab) में नकली शराब (Spurious liquor) पीने से लगातार मौत के आंकड़े बढ़ते ही जा रहे हैं. इतना ही नहीं इस मामले में राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है. बुधवार से अब तक राज्य के तरनतारन, बटाला और अमृतसर जिलों से बड़ी संख्या में मौत के मामले सामने आए हैं. शनिवार तक राज्य में 86 लोगों की मौत हो गई, जिसमें कि तरनतारन में 63 मौतें, 12 मौत अमृतसर ग्रामीण में और 11 गुरदासपुर (बटाला) में. वहीं अब तक सात आबकारी अधिकारी और 6 पुलिसकर्मियों को घटना के सिलसिले में निलंबित कर दिया गया है. मामले में अब तक 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का भी ऐलान किया है. नकली शराब मामले में अब तक के बड़े अपडेट्स… पंजाब में हुए हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 86 हो गई. पंजाब पुलिस ने शनिवार को 17 और लोगों को गिरफ्तार किया. तीन प्रभावित जिलों – अमृतसर ग्रामीण, गुरदासपुर और तरनतारन में 100 से अधिक छापे मारे गए. साथ ही राजपुरा और शंभू सीमा के आसपास और कई स्थानों पर भी छापेमारी हुई. मामले में अब तक 25 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. गोविंदरबीर सिंह उर्फ गोबिंदा, माफिया मास्टरमाइंड है, जिस पर तरनतारन से अमृतसर ग्रामीण क्षेत्र में नकली शराब लाने का आरोप लगा है. इसके अलावा किंगपिन दर्शन रानी उर्फ फौजन; परिवहन मालिक प्रेम सिंह; भिंड, जो तरनतारन पुलिस का वांछित अपराधी है. डीजीपी दिनकर गुप्ता ने कहा कि कई अलग-अलग ढाबे, जहां से अवैध शराब की आपूर्ति की जा रही है, उनके मालिकों को गिरफ्तार किया गया है. ज़िलमिल ढाबा, ग्रीन ढाबा, शंभू पर छिंदा ढाबा, और पटियाला में बानुर और राजपुरा के रूप में पहचाने जाने वाले ढाबों को सील कर दिया गया है. ग्राम बघौरा से 750 लीटर लाहन जब्त किया गया था. साथ ही वहां से दो लोगों सतनाम और राशम को भी गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य की पहचान लखविंदर के रूप में हुई, जो पहले कई अपराधों में शामिल रहा है. DGP के अनुसार- झिलमिल ढाबे पर छापे में, जिसके प्रबंधक नरिंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया, 200 लीटर लाहन (एक प्रकार की अवैध शराब) जब्त की गई. FIR में ढाबा मालिक हरजीत सिंह का भी नाम लिया गया है. राजपुरा चंडीगढ़ रोड के पास ग्रीन ढाबा पर, लगभग 200 लीटर डीजल जैसे तरल बरामद किया गया, जिसे ट्रक चालक ढाबे के मालिक को बेच रहे थे. ढाबे को भी सील कर दिया गया है और इसके मालिक गुरजंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस मामले में मुल्तानी ढाबा के मालिक नरिंदर सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है. वहीं परमिंदर सिंह से 150 लीटर और बलजीत सिंह से 200 लीटर लाहन बरामद किया गया. इन दोनों लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है. रुपिंदर सिंह उर्फ बिट्टू के घर पर भी छापे मारे गए, जो हरदीप सिंह उर्फ गोल्डी का दोस्त है, जिसे पहले CIA जालंधर ग्रामीण ने भी गिरफ्तार किया था. आरोपियों के काम करने के तरीके के बारे में बताते हुए, DGP ने कहा कि जिन ट्रकों में स्प्रिट जाती था, वो 6-7 पहचान वाले ढाबों पर रुकते थे, जहां से ढाबा मालिक उनसे स्प्रिट लेकर इसे बानूर के पास एक गांव के एक भिंडा और बिट्टू को बेचते थे. राजपुरा कारखाना मामले में भी भिंडा आरोपी था. यही लोग अमृतसर और आसपास के इलाकों में स्प्रिट सप्लाई कर रहे थे. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बुधवार रात से ही जारी इस त्रासदी की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए थे. उन्होंने शनिवार को मृतकों के परिवारों में से प्रत्येक को 2 लाख रूपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. शनिवार को पंजाब के सात आबकारी अधिकारियों, छह पुलिसकर्मियों को भी इस मामले में निलंबित कर दिया गया. इससे पहले अमृतसर के तरसिक्का पुलिस स्टेशन के SHO बिक्रमजीत सिंह को भी निलंबित कर दिया गया था. विपक्ष में बैठा शिरोमणि अकाली दल इस मामले में पंजाब हाईकोर्ट जाने की तैयारी में है, जो इस हादसे की सीबीआई जांच की मांग कर रहा है. शुक्रवार को पार्टी ने पंजाब और हरियाणा कोर्ट के सिटिंग जज से न्यायिक जांच की मांग की, जबकि आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया कि कई पीड़ितों के परिवार अपना बयान दर्ज कराने से इनकार रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें मना लिया गया. पुलिस अधिकारियों ने कहा, “अधिकांश परिवार आगे नहीं आ रहे थे और कोई कार्रवाई नहीं चाहते थे. उनमें से कुछ का पोस्टमार्टम भी नहीं हो रहा हैय.” इस बीच, गुरदासपुर के उपायुक्त मोहम्मद इश्फाक ने कहा कि कुछ परिवारों ने तो इस बात को मानने से इनकार कर दिया है कि उनके शख्स की मौत शराब पीने से हुई थी. इश्फाक ने कहा, “जो लोग मारे गए उनमें से कुछ लोगों के परिवार यह स्वीकार नहीं कर रहे हैं कि उनकी मौत नकली शराब के कारण हुई. वे कह रहे हैं कि उनके परिवार के सदस्य की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई.” शुक्रवार को छापेमारी के दौरान लाखों लीटर अवैध शराब भी जब्त की गई. आबकारी आयुक्त ने कहा कि हालांकि शुक्रवारको जब्त की गई सामग्री की कैमिकल रिपोर्ट आना बाकी है, लेकिन एक शुरुआती जांच से पता चला है कि वो डेन्चरर्ड स्पिरिट थी जो आमतौर पर पेंट / हार्डवेयर इंडस्ट्री में इस्तेमाल की जाती है.-newsindialive.in