नेपाल-चीन संबंधों का भारत-नेपाल संबंधों पर कोई असर नहीं : विदेश राज्यमंत्री
नेपाल-चीन संबंधों का भारत-नेपाल संबंधों पर कोई असर नहीं : विदेश राज्यमंत्री
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नेपाल-चीन संबंधों का भारत-नेपाल संबंधों पर कोई असर नहीं : विदेश राज्यमंत्री

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नई दिल्ली, 22 सितम्बर (हि.स.)। सरकार का मानना है कि नेपाल और चीन के संबंध और समझौतों से भारत-नेपाल के पंरपरागत, मैत्रीपूर्ण संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राज्यसभा में मंगलवार को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश राज्य मंत्री वी मुललीधरन ने कहा कि भारत के नेपाल के साथ संबंध उनकी अपनी विशेषताओं पर आश्रित है और नेपाल के अन्य देशों के संबंधों का इन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सरकार से पूछा था कि क्या नेपाल भारत पर निर्भरता दूर करने के लिए गत कुछ वर्षों से चीन के साथ कई पारगमन और परिवहन संबंधी समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं? क्या इससे भारत नेपाल के संबंधों पर प्रभाव पड़ेगा? इसके उत्तर में वी मुरलीधरन ने कहा कि भारत के नेपाल के साथ युगों पुराने संबंध अद्भुत और वशिष्ठ हैं। यह संबंध साझा इतिहास, भूगोल, संस्कृति, लोगों के बीच संबंध, आपसी सुरक्षा और आर्थिक संबंधों पर आधारित है। नेपाल के वैश्विक व्यापार का दो-तिहाई हिस्सा भारत के साथ है और अन्य देशों के साथ आयात-निर्यात का 90 प्रतिशत भाग भारत से होकर जाता है। विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि नेपाल सरकार द्वारा जारी की गई अधिकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अप्रैल 2019 में नेपाल के राष्ट्रपति की चीन की यात्रा के दौरान नेपाल सरकार और चीनी सरकार के पारगमन व परिवहन संबंधी करार के प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए गए थे। उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न क्षेत्रों में नेपाल के साथ सहयोग को और मजबूत करने तथा बढ़ाने के लिए प्रतिबंध है। इसमें व्यापार, आर्थिक और निवेश सहयोग, विकासात्मक सहायता, आवागमन सुविधाएं, संस्कृति और लोगों के बीच संबंध शामिल हैं। हिन्दुस्थान समाचार/सुफल/अनूप-hindusthansamachar.in