निशंक ने आईआईटी जोधपुर में इनक्यूबेशन और इनोवेशन सेंटर का किया उद्घाटन
निशंक ने आईआईटी जोधपुर में इनक्यूबेशन और इनोवेशन सेंटर का किया उद्घाटन
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निशंक ने आईआईटी जोधपुर में इनक्यूबेशन और इनोवेशन सेंटर का किया उद्घाटन

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नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के द्वारा आईआईटी जोधपुर में इनक्यूबेशन और इनोवेशन सेंटर तथा खेल परिसर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत, केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे, आईआईटी जोधपुर के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ आर चिदंबरम, आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो शांतनु चौधरी और छात्र भी इस कार्यक्रम से जुड़े। निशंक ने कहा कि आईआईटी जोधपुर शिक्षा, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी, नवाचार के साथ-साथ एंटरप्रेन्योरशिप के क्षेत्र में भी देश के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में उभर रहा है। साथ ही यहां खेल परिसर, इनक्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर के रूप में स्थापित दो विशिष्ट एवं अत्यंत महत्वपूर्ण सुविधा केंद्रों के उद्घाटन के बाद यहां विशेष सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाने लगेंगी। 850 एकड़ में बने इस खेल परिसर को 5 स्टार गृहा रेटिंग दी गई है और इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि संस्थान के किसी भी स्थान से इस परिसर तक आसानी से पहुंचा जा सके। यहां क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, बास्केटबॉल, टेनिस, वॉलीबाल, कबड्डी, योगा, एथलेटिक्स जैसी सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय एवं भारतीय खेल प्राधिकरण के मानकों के अनुसार स्थापित की गई हैं। निशंक ने कहा, यह खेल सुविधाएं निश्चित तौर पर शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। यह हमारे ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ की भावना के साथ जुड़ती हैं। इक्यूबेशन और इनोवेशन सेंटर की बात करते हुए निशंक ने कहा, ये सेंटर केवल अनुसंधान, अविष्कार या नवाचार तक सीमित न रहकर, स्टार्टअप्स के माध्यम से वाणिज्यिक रूप से उपयोगी भी साबित होंगे। यह ‘नए भारत, शिक्षित, सशक्त, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। इन सुविधाओं के माध्यम से ना केवल वैज्ञानिक अनुसंधान व खोज बल्कि अभियांत्रिकी नवाचारों के साथ उन्हें नई पीढ़ी के उद्योगों के रूप में विकसित भी किया जा सकेगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने बहु-विषयक एवं बहु-आयामी शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि यह समय की मांग है और ऐसे में मशीन लर्निंग, न्यूरल प्रक्रियाओं के लिए कंप्यूटेशनल मॉडल, डेटा साइंस, ह्यूमन इम्यूनोमिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डार्क मैटर, नैनो टेक्नोलॉजी जैसे विषयों पर जिसका जितना अधिकार होगा वह उतना ही 21वीं शताब्दी को लीड करेगा। हिन्दुस्थान समाचार/सुशील-hindusthansamachar.in