नई शिक्षा नीति में बदलाव पर RSS का कितना असर? संघ से जुड़े संगठनों ने दिए थे ये बड़े सुझाव
नई शिक्षा नीति में बदलाव पर RSS का कितना असर? संघ से जुड़े संगठनों ने दिए थे ये बड़े सुझाव
देश

नई शिक्षा नीति में बदलाव पर RSS का कितना असर? संघ से जुड़े संगठनों ने दिए थे ये बड़े सुझाव

news

बुधवार को मोदी सरकार (Modi Government) की कैबिनेट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy 2020) को मंजूरी दे दी. नई शिक्षा नीति के तहत मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD Ministry) का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) कर दिया गया और भारतीय कला, भाषाओं और संस्कृति पर जोर देने की बात कही गई है. करीब 34 साल बाद शिक्षा नीति में हुए बदलाव पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रभाव नजर आ रहा है. नई शिक्षा नीति पर संघ का प्रभाव! यूनियन कैबिनेट ने बुधवार को लक्ष्य निर्धारित किया, जिसके तहत GDP का 6 प्रतिशत शिक्षा में लगाया जाएगा, जो कि अभी 4.43 प्रतिशत है. इसके अलावा भारत सरकार के उच्च शिक्षा में प्रमुख सुधारों में 2035 तक 50 प्रतिशत ग्रोस एनरोलमेंट रेशियो का लक्ष्य और एक से ज्यादा प्रवेश/एग्ज़िट का प्रावधान शामिल है. ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरएसएस के एक पदाधिकारी ने कहा कि संघ नई शिक्षा नीति को स्वीकार करता है. यह नीति कर्रिकुलम और पेडागोजी में मौलिक कर्तव्यों और संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान की गहरी भावना, एक देश के साथ संबंध और एक बदलती दुनिया में किसी की भूमिका और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता विकसित करने की बात करती है. पदाधिकारी ने कहा कि यह शिक्षा नीति न केवल भारतीय विचारों में बल्कि आत्मा, बुद्धि, और कर्मों में एक गहन गर्वित गर्व (Deep-Rooted Pride) पैदा करने की आवश्यकता को संदर्भित करती है, जिस पर हम जोर दे रहे हैं. इतना ही नहीं आरएसएस शिक्षा नीति की समीक्षा पर भी जोर दे रहा है, ताकि आगे चलकर इसका भारतीयकरण किया जा सके. आरएसएस ने इतिहास की टेक्स्ट बुक के री-राइटिंग की भी मांग की है. RSS जुड़े संगठनों ने की थी मोदी सरकार से सिफारिशें आरएसएस से जुड़े हुए संगठन शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास (एसएसयूएन) के सेक्रेटरी अतुल कोठारी ने कहा कि नई शिक्षा नीति उनके संगठन द्वारा की गई सिफारिशों के अनुकूल है. एसएसयूएन और आरएसएस से जुड़े अन्य संगठन भारतीय शिक्षण मंडल (बीएसएम) ने जब 2014 में मोदी सरकार सत्ता में आई थी, तब नई शिक्षा नीति को लेकर कई सिफारिशें की थीं. कोठारी ने कहा कि कोरोनावायरस महामारी के दौरान हमने पीएम मोदी और मानव संसाधन विकास मंत्री को लिखा कि यह सुनिश्चित करें कि नई नीति में शिक्षण के ऑनलाइन तरीकों पर भी ध्यान दिया जाए. हमें खुशी है कि इसे नई शिक्षा नीति में शामिल किया गया है. वहीं बीएसएम का कहना है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय 1985 तक शिक्षा मंत्रालय के रूप में जाना जाता था. दुनिया भर के शिक्षा मंत्रालय भी संसाधन विकास मंत्रालयों के रूप में नहीं जाने जाते हैं.-newsindialive.in