देश में मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं: डॉ. हर्ष वर्धन
देश में मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं: डॉ. हर्ष वर्धन
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देश में मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं: डॉ. हर्ष वर्धन

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- संडे संवाद के छठे एपिसोड में सोशल मीडिया के उपयोगकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श किया नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (हि.स.)। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने संडे संवाद के छठे एपिसोड में सोशल मीडिया के उपयोगकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श करके उनके प्रश्नों के उत्तर दिए। नवरात्र के अवसर पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने अपना अनुरोध दोहराया कि प्रत्येक व्यक्ति त्योहारों को पारम्परिक तरीके से अपने घरों में प्रियजनों के साथ मनाएं। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस त्योहारों के मौसम में आयोजन से बढ़कर उपकार पर जोर दिया जाना चाहिए। डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि केरल ओणम त्योहार के दौरान हुई घोर लापरवाही की कीमत भुगत रहा है, जब राज्य में अनलॉक अवधि के दौरान गतिविधियों जैसे कि व्यापार और पर्यटन के लिए अंतर्राज्यीय यात्रा को शुरू किया जा रहा था, तब राज्य के विभिन्न जिलों में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी हुई। केरल की कोविड-19 के बारे में तस्वीर पूरी तरह बदल गई और दैनिक मामले दोगुना हो गए। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इससे उन सभी राज्यों को सबक लेना चाहिए, जो त्योहारों के मौसम के दिशा-निर्देश जारी करने में लापरवाह रहते हैं। राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए जारी किए गए 1352 करोड़ रुपये केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने पहले ही दूसरे चरण के अंतर्गत 33 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को कोविड पैकेज जारी कर दिया है। दूसरे पैकेज में जारी पैकेज की कुल राशि 1352 करोड़ रुपये है। दूसरे चरण के अंतर्गत अगस्त, सितंबर और अक्टूबर, 2020 के महीनों की किश्त जारी की गई है। केन्द्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि देश में मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है, भारत में वर्तमान में लगभग 6400 मीट्रिक टन प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है, सरकार महामारी के कारण इसकी बढ़ती मांग को देखते हुए उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए तैयार है। गृह मंत्रालय द्वारा गठित अधिकार प्राप्त समूह देश भर में मेडिकल ऑक्सीजन की आवश्यकता पर भी नजर रखे हुए है। डॉ. हर्ष वर्धन ने बताया कि हालांकि इस समय इंट्रानेज़ल (नाक में डालने के लिए) कोई कोविड-19 वैक्सीन परीक्षण के चरण में नहीं है, आने वाले महीनों में नियामक अनुमति मिलने के बाद सीरम इंडिया और भारत बायोटेक द्वारा देश में ऐसे वैक्सीन का नैदानिक परीक्षण करने की आशा है। हिन्दुस्थान समाचार/विजयलक्ष्मी/सुनीत-hindusthansamachar.in