देश में जैविक खेती के लिए 40 हजार क्लस्टर चिन्हित, 80 हजार हेक्टेयर में उत्पादन शुरू- कृषि राज्यमंत्री
देश में जैविक खेती के लिए 40 हजार क्लस्टर चिन्हित, 80 हजार हेक्टेयर में उत्पादन शुरू- कृषि राज्यमंत्री
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देश में जैविक खेती के लिए 40 हजार क्लस्टर चिन्हित, 80 हजार हेक्टेयर में उत्पादन शुरू- कृषि राज्यमंत्री

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जयपुर, 12 सितम्बर (हि.स.)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार देश के विभिन्न हिस्सों में क्लस्टर बनाकर जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने में सहायता मिले। देश में 40 हजार क्लस्टर चिन्हित कर लिए गए हैं। इसी तरह 150 से अधिक किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) ने 80 हजार हेक्टेयर में उत्पादन शुरू कर दिया है। कुल मिलाकर 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए बहुआयामी उपाय हो रहे हैं। कृषि अवसंरचना कोष से ग्रामीण इलाकों में भंडारण सुविधाएं विकसित होंगी, उपज की बर्बादी रुकेगी, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी। केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री निदेशक डॉ. ए.के. सिंह और कृषि वैज्ञानिकों की अन्य टीम के साथ शनिवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के खेतों का अवलोकन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में आर्गनिक खेती को प्रोत्साहित करने के मकसद से किसानों को यूरिया और रासायनिक उर्वरक की बजाय पशुओं से मिलने वाले प्राकृतिक उर्वरक का उपयोग करना चाहिए। इस दौरान कृषि राज्यमंत्री ने आईसीएआर के खेतों में किए जा रहे अनुसंधानों को नज़दीक से देखा। कृषि में नवीन तकनीकी और कृषि क्षेत्र में ड्रोन के प्रयोग का निरीक्षण किया। साथ ही संस्थान के कृषि वैज्ञानिकों के साथ समीक्षा बैठक कर उनके कार्य की प्रगति का अवलोकन किया। कैलाश चौधरी ने कहा कि प्राकृतिक असंतुलन के दुष्प्रभावों से पूरी दुनिया जूझ रही है, जिसके लिए भगवान नहीं बल्कि मानव जिम्मेदार है। ऐसी स्थिति में हमें प्रकृति के चक्र को समझना होगा।अगर हम प्राकृतिक खेती करते हैं तो हम प्राकृतिक असंतुलन को प्राकृतिक संतुलन में परिवर्तित कर देंगे। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से गोबर-गोमूत्र का सस्ता प्लांट लगाने और उससे निर्मित जैविक खाद के प्रयोग को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का आह्वान किया। समीक्षा बैठक में चौधरी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं, लेकिन अब भी बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि औषधीय खेती और जैविक खेती को बढ़ावा दिए जाने की आश्यकता है। कृषि उत्पादों का निर्यात भारत सरकार की प्राथमिकताओं में है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्पादकता बढ़ाने के साथ ही उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने के लिए कोशिशें की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नई नई फसलों को विकसित किए जाने की आवश्यकता है। इससे उत्पादकता बढ़ेगी। जैविक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही : केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि बढ़ती बीमारियों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता आदि के चलते दुनिया भर में जैविक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि जैविक उत्पादों के लिए उपभोक्ता कोई भी कीमत देने को तैयार हैं। कृषि अवसंरचना कोष से जैविक उत्पादों के भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन के लिए बुनियादी ढांचा बनाने और निर्यात में सहायता मिलेगी। हिन्दुस्थान समाचार/ ईश्वर-hindusthansamachar.in