देश भर के सर्कसों में जानवरोंं के इस्तेमाल पर रोक लगे: पेटा
देश भर के सर्कसों में जानवरोंं के इस्तेमाल पर रोक लगे: पेटा
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देश भर के सर्कसों में जानवरोंं के इस्तेमाल पर रोक लगे: पेटा

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नई दिल्ली, 16 जुलाई (हि.स.)। पशुओं के अधिकार के लिए लड़ने वाले संगठन पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि देश भर में सर्कसों में जानवरों के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाए। याचिका में कहा गया है कि सर्कसों में जानवरों पर हथियारों तक का इस्तेमाल किया जाता है जो प्रिवेंशन आफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स और परफॉर्मिंग एनिमल्स रूल्स का उल्लंघन है। याचिका में कहा गया है कि सर्कसों में जानवरों को रखने से उनकी बीमारियां लोगों तक फैलती है। याचिका में कहा गया है कि हाथियों से टीबी, घोड़ों से ग्लैंडर और चिड़ियों से तोता बुखार जैसी बीमारियां फैलती हैं। याचिका में कहा गया है कि कोरोना बीमारी के बारे में भी माना जाता है कि सबसे पहले इसका जानवरों से मनुष्यों में संक्रमण हुआ। याचिका में कहा गया है कि जानवरों का प्रदर्शन मनोरंजन के लिए नहीं होना चाहिए। कई देशों में सर्कसों में जानवरों के प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। याचिका में कहा गया है कि बोलीविया, बोस्निया और हर्जेगोविना, साइप्रस ,मिस्त्र, ग्वाटेमाला, इटली और मालटा जैसे देशों ने अपने देशों में जानवरों के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। याचिका में कहा गया है कोरोना के संक्रमण के दौर में जानवरों को एक शहर से दूसरे शहर में घुमाना बीमारियों को न्योता देना है। याचिका में कहा गया है कि पेटा ने ये सारी चिंताएं एनिमल वेलफेयर बोर्ड के समक्ष रखी थी। उसके बाद एनिमल वेलफेयर बोर्ड में सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को निर्देश दिया था की वह अपने यहां उन सर्कसों की जांच कर बताएं कि वहां रहने वाले जानवरों की स्थिति कैसी है। एनिमल वेलफेयर बोर्ड ने सभी राज्यों से हर एक सर्कस में रखे जाने वाले जानवरों की समग्र रिपोर्ट मांगी थी। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/सुनीत-hindusthansamachar.in