देश पोषण सुरक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर : तोमर
देश पोषण सुरक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर : तोमर
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देश पोषण सुरक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर : तोमर

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नई दिल्ली, 17 सितम्बर (हि.स.)। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय-भारतीय अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा आयोजित पोषण अभियान-2020 और महिला कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सतत् विकास के लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कुपोषण को जड़ से मिटाना आवश्यक है। इस दिशा में आईसीएआर एवं देशभर के 700 से ज्यादा कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) पोषण किट्स वितरण एवं पोषण स्मार्ट ग्राम जैसी अभिनव पहल कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उपरांत देश पोषण सुरक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है। केंद्रीय मंत्री तोमर ने कार्यक्रम में कहा कि माताओं एवं बच्चों को पोषणयुक्त आहार मिलें, इस दिशा में केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, आईसीएआर, इफको एवं अन्य संस्थाएं निरंतर सकारात्मक प्रयत्न कर रहे हैं। हमारे देश में पुरातनकाल से यह व्यवस्था रही है कि परिवारों को पोषणयुक्त आहार सामग्री घर के आसपास ही आसानी से मिल सकें लेकिन भौतिकवाद बढ़ने के साथ ही घर-आंगन में ही फल-सब्जियां उगाने की परंपरा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के माध्यम से अब कोशिश की जा रही है कि आंगनवाड़ियों में पोषण आहार की सुगमता हों। तोमर ने कहा कि पोषण वाटिका एवं पोषण थाली की जो संकल्पना की गई है, इसके पीछे यही उद्देश्य है कि गरीब परिवारों तक भी पोषण आहार सुगमता से पहुंच सकें। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इस दिशा में सितंबर में पूरे देश में पोषण अभियान चल रहा है और सभी केवीके भी इस दिशा में पूरी संलग्नता से काम कर रहे है। पोषण जागरुकता फैलाने के लिए बहनों की बैठकें की जा रही हैं। इफ्को ने भी संसाधन उपलब्ध कराने के लिए अभियान में भागीदारी का संकल्प लिया है। आज देशभर के केवीके में प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस के अवसर पर आंगनवाड़ियों की बहनों का कार्यक्रम कर एक लाख पोषण किट्स का वितरण किया जा रहा है। इन किट्स में विभिन्न प्रकार के बीज, पौधे, रोपण सामग्री तथा जागरुकता संबंधी साहित्य शामिल हैं। इन किट्स के माध्यम से आंगनवाड़ियों में किचन गार्डन विकसित करके पोषणयुक्त आहार पैदा किया जाएगा। तोमर ने कहा कि कुपोषण को दूर करने में यह एक सामाजिक प्रयत्न है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि देश में 11 कृषि तकनीकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थानों के मार्गदर्शन में केवीके द्वारा 307 पोषण स्मार्ट ग्रामों एवं 8,264 पोषण वाटिका की स्थापना की जा चुकी है। पोषण से संबंधित तकनीकी मूल्यांकन 130 केवीके द्वारा 252 क्रियाकलापों पर किया जा चुका है, जिसके 2,116 लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं। पोषण से संबंधित तकनीकी प्रदर्शन में 4,505 क्रियाकलापों को किया जा चुका है, जिसके 50,894 लाभार्थी थे। इन तकनीकी प्रदर्शनों में पोषण वाटिका पर 2,744 प्रदर्शन, बायो-फोर्टीफाइड किस्मों पर 222 प्रदर्शन, मूल्य संवर्धन पर 1,149 प्रदर्शन और अन्य पोषण संबंधित उद्यमों पर 390 प्रदर्शन दिए गए हैं। इनका लाभ ग्रामीण क्षेत्र में कुपोषण दूर करने में मिल रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/अजीत-hindusthansamachar.in