देवस्थानम बोर्ड के विरोध में अनशन जारी, केदारनाथ मंदिर के तीर्थ पुरोहित ने किया समाधि लेने का निर्णय
देवस्थानम बोर्ड के विरोध में अनशन जारी, केदारनाथ मंदिर के तीर्थ पुरोहित ने किया समाधि लेने का निर्णय
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देवस्थानम बोर्ड के विरोध में अनशन जारी, केदारनाथ मंदिर के तीर्थ पुरोहित ने किया समाधि लेने का निर्णय

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नौ दिनों से क्रमिक अनशन पर डटें हैं तीर्थ पुरोहित केदारनाथ मंदिर के पीछे समाधि लेंगे तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी रुद्रप्रयाग, 06 अगस्त (हि.स.)। देवस्थानम् बोर्ड को भंग किये जाने की मांग को लेकर तीर्थ पुरोहितों का आंदोलन दिन-ब-दिन तेज होता जा रहा है। तीर्थ पुरोहित 9 दिनों से क्रमिक अनशन पर हैं और सरकार के फैसले का विरोध करते हुए केदारधाम में भवनों और धर्मशालाओं के साथ हो रही छेड़छाड़ से आक्रोशित हैं। तीर्थ पुरोहित केदारनाथ मंदिर परिसर में धरना देते हुए रैली निकाल रहे हैं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे हैं। दो माह से केदारनाथ धाम में अर्धनग्न अवस्था में धरना दे रहे तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी ने अब समाधि लेने का निर्णय लिया है। संतोष त्रिवेदी का कहना है कि सरकार ने जल्द से जल्द देवस्थानम् बोर्ड को भंग करने के साथ ही केदारनाथ धाम स्थित उनके भवनों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की और धाम में लागू केदारनाथ मास्टर प्लान को वापस नहीं लिया तो केदारनाथ मंदिर के पीछे समाधि ली जायेगी। दरअसल, प्रदेश सरकार ने बद्री-केदार मंदिर समिति को भंग करते हुए देवस्थानम बोर्ड का गठन किया है। देव स्थानम बोर्ड ने केदारनाथ धाम में कार्य करना शुरू कर दिया है। केदारनाथ धाम में तीर्थ पुरोहितों की धर्मशालाएं, होटल, लाॅज आदि मौजूद हैं। धाम में मास्टर प्लान के तहत कार्य किया जा रहा है। केदारनाथ मास्टर प्लान के तहत ही केदारनाथ में सभी प्रकार के कार्यों को होना है। केदारनाथ मास्टर प्लान के विरोध में तीर्थ पुरोहित पिछले नौ दिनों से केदारनाथ मंदिर के आगे क्रमिक अनशन पर डटे हुए हैं। तीर्थ पुरोहित सरकार के खिलाफ रैली निकाल रहे हैं। प्रत्येक दिन सुबह एवं सांय के समय पुरोहित मंदिर परिसर में धरना दे रहे हैं। दो माह से तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी केदारनाथ मंदिर प्रांगण में अर्धनग्न अवस्था में आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले वे कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे थे लेकिन कोर्ट का फैसला तीर्थ पुरोहितों के पक्ष में नहीं है। इस कारण उन्होंने अब समाधि लेने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार तीर्थ पुरोहितों की कोई सुध नहीं ले रही है। ऐसे में उन्होंने समाधि लेने का फैसला किया है। जल्द ही सरकार ने देवस्थानम् बोर्ड को भंग नहीं किया तो वे केदारनाथ मंदिर के पीछे शंकराचार्य समाधि स्थल के पास समाधि लेंगे। इस मौके पर केदारसभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला, उमेश पोस्ती, रमाकांत शर्मा, अंकुर शुक्ला, प्रवीन तिवारी, हिमांशु तिवारी सहित अन्य मौजूद थे। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित डिमरी/सुनीत-hindusthansamachar.in