दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में दिया जवाबी हलफनामा
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दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में दिया जवाबी हलफनामा

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- प्राइवेट अस्पतालों के आईसीयू में 80 फीसदी बेड कोरोना के मरीजों के लिए आरक्षित करने का मामला नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने प्राइवेट अस्पतालों को अपने आईसीयू में 80 फीसदी बेड कोरोना के मरीजों के लिए आरक्षित रखने के दिल्ली सरकार के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई टाल दिया है। आज दिल्ली सरकार ने अपना जवाबी हलफनामा दायर किया। जस्टिस नवीन चावला की बेंच ने 18 नवम्बर को अगली सुनवाई करने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से एएसजी संजय जैन ने कहा कि उन्होंने नीति आयोग के साथ हलफनामा दाखिल कर दिया है। उसके बाद याचिकाकर्ता एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स ने जवाबी हलफनामे के लिए एक हफ्ते का समय देने की मांग की। संजय जैन ने इस मामले की अगली सुनवाई जल्द करने की मांग की क्योंकि त्यौहार का समय नजदीक है और कोरोना के मामले बढ़ सकते हैं। सिंगल बेंच ने 22 सितम्बर को दिल्ली सरकार के आदेश पर रोक लगा दी थी। जस्टिस नवीन चावला की बेंच ने दिल्ली सरकार के आदेश को संविधान की धारा 21 के खिलाफ बताया। सिंगल बेंच ने कहा था कि बीमारी खुद कभी आरक्षण का आधार नहीं बन सकती है। सिंगल बेंच के इस फैसले के खिलाफ दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में याचिका दायर किया है। पिछले 28 सितम्बर को चीफ जस्टिस डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगने से इनकार कर दिया था। सिंगल बेंच के समक्ष दायर याचिका में कहा गया है कि दिल्ली सरकार का ये फैसला बिना पूर्व विचार-विमर्श के लिया गया है। फैसला लेने के पहले वर्तमान में रोगियों की जरुरतों का ध्यान नहीं रखा गया है। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली सरकार का फैसला मनमाना और गैरकानूनी है। याचिका में निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज के लिए 40 फीसदी आईसीयू बेड आरक्षित करने की मांग की गई है। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/सुनीत-hindusthansamachar.in