दिल्ली दंगों और नेताओं के हेट स्पीच को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई टली
दिल्ली दंगों और नेताओं के हेट स्पीच को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई टली
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दिल्ली दंगों और नेताओं के हेट स्पीच को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई टली

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नई दिल्ली, 17 सितम्बर (हि.स.)। दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली दंगों और नेताओं के हेट स्पीच को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई टाल दी है। चीफ जस्टिस डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि कोर्ट जामिया हिंसा मामले पर सुनवाई कल यानि 18 सितंबर के लिए लिस्ट की गई है। कोर्ट जामिया हिंसा पर सुनवाई के बाद इस याचिका पर सुनवाई करेगी। मामले पर अगली सुनवाई एक अक्टूबर को होगी। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्वेस ने कहा कि इस मामले पर सुनवाई जरूरी है। कई नौजवानों को फंसाया जा रहा है। गोंजाल्वेस ने कहा कि सुनवाई में जितनी देरी होगी पुलिस उतना ही प्रताड़ित करेगी। हम जामिया और उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा दोनों की जांच दिल्ली पुलिस से हटाकर दूसरी एजेंसी को देने की मांग कर रहे हैं। तब कोर्ट ने कहा कि हम पहले जामिया मामले की सुनवाई करना चाहते हैं। सुनवाई के दौरान वकील तारा नरुला ने कहा कि अंतिम चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और ट्रायल शुरु होनेवाला है। हमें इस मामले पर दलीलें रखने की जरूरत है। तब कोर्ट ने कहा कि हम एक अक्टूबर को दलीलें सुनेंगे। पिछली सुनवाई के दौरान जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से कहा गया था कि वीडियो फुटेज के संरक्षण के कोर्ट के पहले के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। पिछले 24 अगस्त सुनवाई के दौरान जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से कहा गया था कि कोर्ट ने पहले आदेश दिया था कि वीडियो फुटेज का संरक्षण किया जाए। लेकिन कोर्ट के इस आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। यह एक चिंता की बात है क्योंकि वीडियो फुटेज इन मामलों का अहम हिस्सा हैं। जमीयत उलेमा-ए-हिन्द की ओर से कहा गया था कि दंगों में समुदाय विशेष के लोगों को टारगेट किया गया। समुदाय विशेष के पीड़ितों ने जब दूसरे समुदाय से ताल्लुक रखने वालों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज़ करानी चाही तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं किया । हमारी इन शिकायतों पर पुलिस ने कोई जवाब नहीं दाखिल किया है। जमीयत ने कहा कि दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की रिपोर्ट का निष्कर्ष भी यही है कि दंगों में समुदाय विशेष को टारगेट किया गया। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक आयोग ने पांच सदस्यीय कमेटी से निष्पक्ष जांच कराए जाने की ज़रूरत जताई हैं। हम भी इससे सहमत है। कोर्ट ने पिछले 12 मार्च को दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस समेत उन नेताओं को नोटिस जारी किया था जिनके खिलाफ हेट स्पीच के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। अलग-अलग याचिकाओं में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, वारिस पठान, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, बीजेपी नेता कपिल मिश्रा, और प्रवेश वर्मा के खिलाफ दाखिल की गई थी। याचिकाओं में इन नेताओं के खिलाफ जल्द एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। याचिकाओं में कहा गया था कि हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई स्थगित कर गलत किया। दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले 27 फरवरी को भड़काऊ भाषण मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई टालते हुए 13 अप्रैल को सुनवाई करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने की अनुमति दी थी। हाईकोर्ट के इसी आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 4 मार्च को हाईकोर्ट को निर्देश दिया था कि मामले की सुनवाई जल्द कर फ़ैसला लें। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से 6 मार्च को सुनवाई करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि शांति बहाली के लिए हाईकोर्ट ज़रूरी कदम उठाए। दोनों पक्ष हाईकोर्ट को उन लोगों के नाम सुझाएं जो मदद कर सके। हिन्दुस्थान समाचार/संजय-hindusthansamachar.in