दिल्ली दंगा : सीताराम येचुरी, योगेन्द्र यादव, जयति घोष और राहुल राय को साजिश रचने का आरोपी बनाया
दिल्ली दंगा : सीताराम येचुरी, योगेन्द्र यादव, जयति घोष और राहुल राय को साजिश रचने का आरोपी बनाया
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दिल्ली दंगा : सीताराम येचुरी, योगेन्द्र यादव, जयति घोष और राहुल राय को साजिश रचने का आरोपी बनाया

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नई दिल्ली, 12 सितम्बर (हि.स.)। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली दंगों के मामले में साजिश रचने के मामले में पूरक चार्जशीट दाखिल किया है। इस चार्जशीट में सीपीएम नेता सीताराम येचुरी, स्वराज अभियान के नेता योगेन्द्र यादव, अर्थशास्त्री जयति घोष और फिल्म निर्माता राहुल राय को दंगों की साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है। ये चार्जशीट दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में दाखिल किया गया है। चार्जशीट में दिल्ली पुलिस ने इन पर आरोप लगाया है कि इन्होंने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर लोगों को किसी भी हद तक जाने की अपील की थी। उन्होंने सरकार की छवि खराब करने के लिए नागरिकता संशोधन कानून को मुस्लिम विरोधी करार दिया ता। इन पर आरोप है कि उन्होंने कई विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस मामले के तीन आरोपियों देवांगन कलीता, नताशा नरवाल और गुलफिशा फातिमा ने इन आरोपियों के नामों का जिक्र किया है। ये तीनों यूएपीए के तहत दर्ज मामलों में जेल में बंद हैं। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि देवांगन कलीता और नताशा नरवाल ने पुलिस को दिए अपने बयान में जयति घोष अपूर्वानंद और राहुल राय का नाम लिया था। कलीता और नरवाल ने कहा कि इन लोगों ने उन्हें नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ किसी भी हद तक जाने को कहा था। उनके कहने पर ही उन्होंने दिसंबर 2019 में दरियागंज में प्रदर्शन आयोजित किया था और जाफराबाद में पिछले फरवरी महीने में चक्का जाम किया था। दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में कहा है कि जामिया युनिवर्सिटी की छात्रा गुलफिशा फातिमा ने सीताराम येचुरी और योगेन्द्र यादव के अलावा भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर, युनाईटेड अगेंस्ट हेट के उमर खालिद और पूर्व विधायक मतीन अहमद, वकील महमूद प्राचा समेत कुछ मुस्लिम नेताओं के नामों का जिक्र किया है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इन नेताओं और बड़े वकीलों ने आंदोलनों में आना शुरु किया और लोगों को उकसाया। गुलफिशा फातिमा ने कहा कि महमूद प्राचा ने कहा था कि नागरिकता संशोधन कानून मुस्लिम विरोधी है और विरोध करना उनका जनतांत्रिक अधिकार है । बता दें कि दिल्ली दंगों में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी और काफी लोग घायल हुए थे। हिन्दुस्थान समाचार/ संजय-hindusthansamachar.in