दिल्ली के छह जिलों में पॉजिटिविटी रेट में बढ़ोतरी चिंता का विषय: डॉ. हर्ष वर्धन
दिल्ली के छह जिलों में पॉजिटिविटी रेट में बढ़ोतरी चिंता का विषय: डॉ. हर्ष वर्धन
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दिल्ली के छह जिलों में पॉजिटिविटी रेट में बढ़ोतरी चिंता का विषय: डॉ. हर्ष वर्धन

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नई दिल्ली, 05 नवम्बर (हि.स.)। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने गुरुवार को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन के साथ बैठक की। दिल्ली में कोविड की स्थिति की देश की स्थिति से तुलना करते हुए डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि भारत की रिकवरी दर इस समय लगभग 92 प्रतिशत से अधिक है, जबकि दिल्ली की रिकवरी दर 89 प्रतिशत है। राष्ट्रीय स्तर पर 1.49 प्रतिशत मृत्यु दर के मुकाबले दिल्ली में मृत्यु दर 1.71 प्रतिशत बनी हुई है। डॉ. हर्ष वर्धन ने मामलों की संख्या में उछाल और दिल्ली के उत्तर, मध्य, उत्तर-पूर्व, पूर्वी, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व जिलों में अधिक पॉजिटिविटी रेट पर चिंता व्यक्त की। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने बताया कि प्रशासन को विशेषज्ञों ने त्योहार के मौसम तथा अंतर-राज्यीय परिवहन की शुरुआत के कारण मामलों में उछाल से आगाह किया था। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सूचना, शिक्षा और प्रचार अभियान (आईईसई) कोविड के बारे में जन-व्यवहार को बदलने में कामयाब रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन रोग के फैलाव को अधिक प्रभावी रूप से रोकने के लिए मानक प्रचालन प्रक्रियाओं में परिवर्तन लाने पर काम कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने केन्द्र से एम्स नई दिल्ली, लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल और अन्य केन्द्रीय अस्पतालों में आईसीयू बिस्तरों की संख्या बढ़ाने का अनुरोध किया, जिससे वर्तमान में दबाव में आई क्षमता को बढ़ाया जा सके। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र के निदेशक डॉ. सुजीत सिंह ने दिल्ली के विभिन्न जिलों में कोविड की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया । उन्होंने दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में कोविड से हो रही मौतों का सूक्ष्म विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे आगामी त्योहारों और सर्दी के मौसम में सतर्क रहें और उन्होंने अनुरोध किया कि कोरोना के मरीजों के और बेहतर नैदानिक प्रबंधन के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया जाए। केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि कारगर संपर्कों की पहचान न केवल बड़ी संख्या में संपर्कों का पता लगाने से की जा सकती है, अपितु इस प्रक्रिया को 72 घंटे में पूरी करने से भी की जा सकती है। उन्होंने दिल्ली प्रशासन से अनुरोध किया कि वे नाज़ुक मरीजों की देखभाल के लिए उन्हें धौला कुआं स्थित डिफेंस मेडिकल अस्पताल में भेजें, जहां 125 आईसीयू बिस्तरों का प्रावधान है। बैठक में मंत्रालय की अपर सचिव श्रीमती आरती आहूजा, दिल्ली के मुख्य सचिव श्री विजय कुमार देव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/विजयलक्ष्मी/सुनीत-hindusthansamachar.in