ट्रेनों के साथ अब मालगाड़ी को भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही मोदी सरकार
ट्रेनों के साथ अब मालगाड़ी को भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही मोदी सरकार
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ट्रेनों के साथ अब मालगाड़ी को भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही मोदी सरकार

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भारतीय रेलवे पटरी पर प्राइवेट ट्रेनें ही नहीं, बल्कि प्राइवेट मालगाड़ी भी दौड़ाने का फैसला किया है. बता दें कि जल्द ही पटरी पर प्राइवेट ट्रेनें चलती नजर आएंगी. सरकार ने इसकी घोषणा कर दी है कि मार्च 2023 से प्राइवेट ट्रेनें चलनी शुरू हो जाएंगी. इसके अलावा भारतीय रेलवे, प्राइवेट ट्रेनों के साथ प्राइवेट मालगाड़ी को भी चलाने की योजना बना रहा है. भारतीय रेलवे पटरी पर प्राइवेट ट्रेनें ही नहीं, बल्कि प्राइवेट मालगाड़ी भी दौड़ाने का फैसला किया है. बता दें कि जल्द ही पटरी पर प्राइवेट ट्रेनें (private trains) चलती नजर आएंगी. सरकार ने इसकी घोषणा कर दी है कि मार्च 2023 से प्राइवेट ट्रेनें चलनी शुरू हो जाएंगी. इसके अलावा भारतीय रेलवे, प्राइवेट ट्रेनों के साथ प्राइवेट मालगाड़ी को भी चलाने की योजना बना रहा है. संभावना जताई जा रही है कि जब प्राइवेट ट्रेनें पटरी पर दौड़ना शुरू करेंगी, तो प्राइवेट मालगाड़ियों के लिए भी घोषणा कर दी जाएगी. रेलवे, प्राइवेट मालगाड़ी चलाने के लिए डेडिकेटेड कोरिडोर को तेजी से ट्रैक कर रहा है. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने कहा कि 2023 में प्राइवेट ट्रेनों के रोलआउट से पहले एक रेलवे रेगुलेटर बनाया जाएगा. चेयरमैन वीके यादव ने कहा कि एक बार डीएफसी के तैयार हो जाने के बाद हम प्राइवेट मालगाड़ी को चलाने की योजना बना रहे हैं. वे वैगन और कंटेनर में इंवेस्ट करेंगे. इस तरह रेगुलेटर के पास पैसेंजर ट्रेनों और मालगाड़ियों को रेगुलेट करने की जिम्मेदारी होगी. उन्होंने कहा, प्राइवेट मालगाड़ी को दौड़ाने का फैसला सचिव के समूहों ने लिया, जिन्होंने सभी संभावित आर्थिक नजीतों पर विचार किया. बता दें कि प्राइवेट कंटेनर ट्रेन 2006 से सीमित तरीके से संचालित है. हालांकि, अन्य प्रकार की मालगाड़ियां को इजाजत नहीं दी गई हैं. वहीं, सड़क मार्ग की तुलना में रेलवे से सामान भेजना ज्यादा सस्ता पड़ता है. 151 प्राइवेट ट्रेनें शुरू करने की योजना वहीं, भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने वर्ष 2023 से प्राइवेट ट्रेनें चलाने की दिशा में टाइमलाइन जारी करते हुए कहा कि वर्ष 2026-27 तक कुल 151 प्राइवेट ट्रेनें शुरू करने की योजना है. इसके तहत 2023 में प्राइवेट ट्रेनों के पहले सेट की शुरुआत होगी जिसमें 12 ट्रेनें चलाई जाएंगी. इन ट्रेनों को चलाने के लिए प्राइवेट कंपनियों की ओर से शुरुआत में करीब 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. प्राइवेट ट्रेनें चलाने के लिए भारतीय रेलवे ने 8 जुलाई को रिक्वेस्ट फॉर क्वालिफिकेशन (आरएफक्यू) के लिए विज्ञापन जारी किया था. प्राइवेट ट्रेनें चलाने के लिए रिक्वेस्ट फॉर क्वालिफिकेशन प्रोसेस के नवंबर तक फाइनल होने की उम्मीद है. मार्च 2021 तक निविदाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा और मार्च 2023 से रेलगाड़ियों का संचालन शुरू हो जाएगा. रेलवे के अनुसार, इनमें से 70 फीसदी प्राइवेट ट्रेनों का निर्माण भारत में ‘मेक इन इंडिया’ के तहत होगा. इसे चलाने वाली प्राइवेट कंपनी ही उसके मेंटेनेंस, खरीद और ट्रांसपोर्टेशन के लिए जिम्मेदार होगी. बताया जा रहा है कि प्रत्येक ट्रेन में कम से कम 16 डिब्बे होंगे. ट्रेनों को ऐसे डिजाइन किया जाएगा कि वे 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी.-newsindialive.in