टीके से नुकसान हुआ तो एस्ट्राजेनेका नहीं होगी जिम्मेदार, कई देश जिम्मेदारी से छूट देने पर सहमत
टीके से नुकसान हुआ तो एस्ट्राजेनेका नहीं होगी जिम्मेदार, कई देश जिम्मेदारी से छूट देने पर सहमत
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टीके से नुकसान हुआ तो एस्ट्राजेनेका नहीं होगी जिम्मेदार, कई देश जिम्मेदारी से छूट देने पर सहमत

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ह्यूमन ट्रायल के अंतिम चरण में चल रहे एस्ट्राजेनेका के कोविड वैक्सीन को कई देश बड़ी छूट देने की तैयारी में हैं। ब्रिटिश फर्म एस्ट्राजेनेका के वरिष्ठ अधिकारी रुड डॉबर का कहना है कि बहुत से देश कंपनी को फ्यूचर लायबिलिटी क्लेम से मुक्त रखने पर सहमत हुए हैं। इसके तहत अगर टीका बेसअर हुआ या इससे कोई नुकसान हुआ तो कंपनी जिम्मेदार नहीं ठहराई जा सकेगी और कोई क्षतिपूíत देने के लिए बाध्य नहीं होगी। एस्ट्राजेनेका ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर टीका विकसित किया है। दुष्प्रभाव पड़ा तो जिम्मेदार कौन इस समय दुनियाभर में कई कंपनियां कोविड वैक्सीन तैयार करने में लगी हैं। इस बीच, यह बड़ा सवाल है कि अगर भविष्य में टीके से किसी पर दुष्प्रभाव पड़ा तो कौन जिम्मेदार होगा। डॉबर ने कहा, ‘यह एक अप्रत्याशित स्थिति है, जिसमें कंपनी कोई जिम्मेदारी नहीं ले सकती, अगर चार साल बाद टीके का कोई दुष्प्रभाव सामने आए। विभिन्न देशों के साथ किए जा रहे अनुबंध में हम इससे छूट मांग रहे हैं। ज्यादातर देश यह जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने को तैयार हैं, क्योंकि यह उनके लोगों के हित में है।’ डॉबर ने ऐसे देशों का नाम नहीं बताया। सुरक्षा को प्राथमिकता हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि कंपनी सुरक्षा को प्राथमिकता में रखते हुए टीका विकसित कर रही है। एस्ट्राजेनेका ने अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय यूनियन और कई अन्य देशों के साथ हुए करार में टीके की दो अरब से ज्यादा खुराक बिना मुनाफा कमाए उपलब्ध कराने की बात कही है। यूरोपीय यूनियन के अधिकारियों का कहना है कि कोविड-19 के संभावित टीकों के लिए कंपनियों के साथ हो रहे करार में इस समय प्रोडक्ट लायबिलिटी सबसे विवादास्पद मुद्दा है। अमेरिका में पहले से ही एक कानून के तहत जनस्वास्थ्य आपदा को नियंत्रित करने में मददगार उत्पादों को इस तरह के दावों से मुक्त रखा गया है। जॉनसन एंड जॉनसन की टीका भी ह्यूमन ट्रायल में इस बीच बंदरों पर प्रभावी नतीजे के बाद जॉनसन एंड जॉनसन ने भी अपने कोविड-19 वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू कर दिया है। कंपनी ने अमेरिका और बेल्जियम में ह्यूमन ट्रायल के प्रारंभिक चरण की शुरुआत की है। इसमें 18 से 55 साल के 1,000 से ज्यादा स्वस्थ लोगों और 65 साल व इससे ज्यादा उम्र के बुजुर्गो को शामिल किया गया है। अमेरिका की सरकार ने इस टीके के लिए 45.6 करोड़ डॉलर (करीब 3,400 करोड़ रुपये) की फंडिंग की है।-newsindialive.in