खरीफ फसलों की बुवाई क्षेत्र में हुई बढ़ोतरी,  पिछले वर्ष से 21.2 प्रतिशत अधिक
खरीफ फसलों की बुवाई क्षेत्र में हुई बढ़ोतरी, पिछले वर्ष से 21.2 प्रतिशत अधिक
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खरीफ फसलों की बुवाई क्षेत्र में हुई बढ़ोतरी, पिछले वर्ष से 21.2 प्रतिशत अधिक

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नई दिल्ली, 17 जुलाई (हि.स.)। देश में खरीफ फसलों के बुवाई क्षेत्र में पिछले वर्ष की तुलना में 21.2 प्रतिशत अधिक बढ़ोतरी हुई है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, देश में 16.07.2020 तक 308.4 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले 338.3 मिमी बारिश हुई। 01.06.2020 से 16.07.2020 तक की अवधि के दौरान (+) 10 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। सीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट के अनुसार 16.07.2020 तक, देश में 123 जलाशयों में उपलब्ध पानी का ताजा भंडारण पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान उपलब्ध पानी का 150 प्रतिशत और पिछले 10 वर्षों के औसत संग्रहण का 133 प्रतिशत है। इसके अलावा 17.07.2020 तक, पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 570.86 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल के मुकाबले इस बार कुल खरीफ फसलों को 691.86 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोया गया। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में इस साल बुवाई क्षेत्र में 21.20 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इसके तहत किसानों ने पिछले वर्ष के 142.06 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले इस साल 168.47 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बुवाई की है, यानी रकबे में 18.59 प्रतिशत की वृद्धि। पिछले साल के 61.70 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले इस साल 81.66 लाख हेक्टेयर में दलहन की खेती की है यानि रकबे में 32.35 प्रतिशत की वृद्धि। किसानों ने पिछले वर्ष के 103.00 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले इस साल 115.60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मोटे अनाज की बुवाई की है। रकबे में 12.23 प्रतिशत की वृद्धि। इसी तरह पिछले साल के 110.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले इस साल 154.95 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में तिलहन की खेती की है और रकबे में 40.75 प्रतिशत की वृद्धि। पिछले साल 50.82 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले इस साल 51.29 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती की है और रकबे में 0.92 प्रतिशत की वृद्धि। किसानों ने पिछले साल 96.35 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले इस साल 113.01 लाख हेक्टेयर क्षेत्र पर कपास की खेती की है यानी रकबे में 17.28 प्रतिशत की वृद्धि और पिछले साल 6.84 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले इस साल 6.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र पर जूट और मेस्टा की खेती की है और रकबे में 0.70 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हिन्दुस्थान समाचार /रवीन्द्र मिश्र/बच्चन-hindusthansamachar.in